Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

अवमानना केस में SC से बोले प्रशांत भूषण – दया की अपील नहीं, जो भी सजा होगी स्वीकार करूंगा

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सामाजिक कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण ने अवमानना केस में आज सुनवाई के दौरान कहा कि  उनको सजा दिए जाने का दुख नहीं है, उन्हें इस बात का दुख है कि उन्हें गलत समझा जा रहा है। बता दें कि अवमानना मामले में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी करार दिया है।

प्रशांत भूषण ने कहा कि मैंने माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला पढ़ा। उन्होंने कहा कि मुझे पीड़ा है कि उन्हें न्यायालय की अवमानना करने का दोषी ठहराया गया है जिसके गौरव को बनाये रखने के लिये उन्होंने तीन दशकों से भी ज्यादा समय से प्रयास किया – एक दरबारी या चीयरलीडर्स की तरह नहीं बल्कि अपनी व्यक्तिगत और पेशेगत कीमत पर एक विनम्र रक्षक की तरह। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे तकलीफ है, इसलिए नहीं कि मुझे दंडित किया जा सकता है बल्कि इसलिए कि मुझे बहुत ही ज्यादा गलत समझा गया।’’

भूषण ने कहा, ‘‘मैं हतप्रभ हूं कि न्यायालय ने मुझे न्याय के प्रशासन की संस्था पर ‘द्वेषपूर्ण, अभद्र और सुनियोजित हमला’ करने का दोषी पाया है। मैं निराश हूं कि न्यायालय इस तरह का हमला करने की किसी मंशा के बारे में कोई साक्ष्य दिखाये बगैर ही इस नतीजे पर पहुंचा है।’’

प्रशांत भूषण ने कहा, ‘लोकतंत्र में खुली आलोचना जरूरी है। हम ऐसे समय में रह रहे हैं जब संवैधानिक सिद्धांतों को सहेजना व्यक्तिगत निश्चिंतता से अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए। बोलने में असफल होना कर्तव्य का अपमान होगा। यह मेरे लिए बहुत ही बुरा होगा कि मैं अपनी प्रमाणिक टिप्पणी के लिए माफी मांगता रहूं।’

प्रशांत भूषण ने महात्मा गांधी के बयान का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं दया की अपील नहीं करता हूं। मेरे प्रमाणिक बयान के लिए कोर्ट की ओर से जो भी सजा मिलेगी, वह मुझे मंजूर है।’

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