उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) में सर्राफा व्यवसाई से 19 लाख नगद, 12 लाख के सोने व 4 लाख की चांदी की लूट मामले में बस्ती में तैनात दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव और संतोष यादव को गिरफ्तार किया गया है। बस्ती के एसपी हेमराज मीणा ने कार्रवाई करते हुए पुरानी बस्ती थानाध्यक्ष समेत 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

जानकारी के अनुसार, सर्राफा कारोबारी सुशील वर्मा की हिंदी बाजार में साक्षी ज्‍वेलर्स के नाम से नाम दुकान है। 29 दिसंबर 2020 को उनके कर्मचारी गणेश गौड़ व गाड़ी चालक रमेश व्‍यापारियों से बकाया वसूली करने महराजगंज, सिसवा और निचलौल गए थे। लौटते समय रात आठ बजे शाहपुर क्षेत्र के खजांची चौराहे पर पहुंचे। पीछे से आए स्‍कार्पियों सवार चार पुलिसवालों ने उनकी गाड़ी रोक ली। खुद को कस्‍टम अधिकारी बताते हुए गाड़ी की तलाशी लेकर उसमें रखा नौ किलो चांदी व 10 ग्राम सोना लेकर फरार हो गए।

पीड़ि‍त की तहरीर पर गोरखपुर के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। गोरखपर कैंट थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की, जिसके बाद गोरखपुर की पुलिस ने पुरानी बस्ती थाने पर तैनात लुटेरे दरोगा धर्मेंद्र यादव, सिपाही महेंद्र यादव और संतोष यादव को ग‍िरफ्तार कर लिया। इनके पास से लूट का पैसा और सामान बरामद हुआ है।

एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने साफ कहा कि इस मामले में इस तरह की कार्रवाई की जाएगी कि भविष्य के लिए नजीर बने और कानून का कोई रखवाला इस तरह का कदम उठाने से डरे। एसएसपी ने साफ कहा है कि इनकी बेनामी संपत्ति मिली तो अपराधियों की तरह ही कुर्की की जाएगी।

छानबीन में पता चला है कि दारोगा ने हाल के दिनों हार्डवेयर दुकानदार के खाते में लाखों में रुपये ट्रांसफर किए हैं जिसकी जांच चल रही है। दारोगा के साथ ही वारदात में शामिल सिपाहियों उनकी पत्‍नी व परिवार वालों के बैंक खातों की जांच चल रही है। संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano