untitled 1 1507029986

untitled 1 1507029986

भोपाल | सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से रोजाना कुछ ऐसी तस्वीरे देखने को मिलती है जो हकीकत के काफी करीब लगती है. लेकिन ये कितनी सच और कितनी झूठ, इसका पता लगाने के लिए एक्सपर्ट की जरुरत पड़ती है. ऐसे बहुत सारे मामले सामने आये है जिसमे विभिन्न राजनितिक दलों के आईटी सेल ने सोशल मीडिया पर जाली तस्वीर शेयर कर राजनितिक फायदा लेने की कोशिश की है. अब एक ऐसे ही मामले में कांग्रेस की पूर्व विधायक को दोषी करार दिया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन के महीदपुर विधान सभा की पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता कल्पना परुलेकर को जाली तस्वीर बनाने के आरोप में दो साल की कठोर कारावास और 12 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है. करीब 6 साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायधीश अरविन्द कुमार ने यह सजा सुनाई. कल्पना ने 2011 में एक पत्रकार वार्ता में एक तस्वीर दिखाकर आरोप लगाया था की लोकायुत पीपी नावलेकर का आरएसएस से सम्बन्ध है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

बताते चले की पीपी नावलेकर पूर्व जज और मध्य प्रदेश के लोकायुक्त रहे है. उस समय कल्पना ने जो तस्वीर मीडिया की सामने रखी उसमे पीपी नावलेकर , मोहन भागवत के साथ दिखाई दे रहे थे. इस तस्वीर के माध्यम से कल्पना ने यह साबित करने की कोशिश की, की लोकायुक्त के आरएसएस से सम्बन्ध रहे है. कल्पना ने विधानसभा सत्र के दौरान भी अपने आरोप दोहराए थे. बाद में इस मामले में कल्पना पर जाली तस्वीर दिखाने का आरोप लगा.

इसी मामले की सुनवाई के दौरान कल्पना को जाली तस्वीर बनाने का दोषी करार दिया गया. न्यायधीश अरविन्द कुमार ने फैसला सुनाते हुए कहा की कल्पना परूलेकर एक संवैधानिक संस्था की सदस्य रही हैं और उनका आचरण उच्च मूल्यों के अनुसार नहीं था. किसी जनप्रतिनिधि से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती. इससे जनता में गलत संदेश जाता है. किसी भी राजनीतिक दल को ये अधिकार नहीं मिलना चाहिए वो अन्याय के प्रतिकार के नाम पर असंवैधानिक काम करे. अदालत ने कहा कल्पना परुलेकर ने जानबूझकर ये किया है इसलिए उन्हें दण्ड देना आवश्यक है.

Loading...