Sunday, August 1, 2021

 

 

 

2G घोटाले में आरोपियों के बरी होने पर कांग्रेस फ़्रंट फूट पर, कई दिग्गज नेताओ ने भाजपा और पूर्व कैग प्रमुख पर साधा निशाना

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नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े घोटाले 2G स्पेक्ट्रम आवंटन में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद देश में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। दिल्ली से लेकर तमिलनाडु तक राजनीतिक बयानबाज़ी शुरू हो गयी। जहाँ कोर्ट के फ़ैसले के बाद कांग्रेस काफ़ी जोश में है वही भाजपा अभी भी अपनी प्रतिक्रिया देने से बच रही है। ऐसा होगा भी क्योंकि इस फ़ैसले का सबसे ज़्यादा असर उन्ही पर होना है।

2014 लोकसभा चुनाव के समय इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने और कांग्रेस पार्टी को भ्रष्टाचार की गंगा बताने के बाद भाजपा को फ़िलहाल समझ नही आ रहा की इस पर क्या प्रतिक्रिया दी जाए। लेकिन कांग्रेस के लिए यह एक मौक़े की तरह है। अदालत के फ़ैसले के बाद पूरी कांग्रेस भाजपा और पूर्व कैग प्रमुख को लेकर हमलावर है। राज्यसभा में भी इस फ़ैसले को लेकर ख़ूब हो हल्ला हुआ।

कांग्रेस की और से गुलाब नबी आज़ाद, कपिल सिब्बल, पी चिदम्बरम और मनीष तिवारी जैसे नेताओ ने मोर्चा संभाला। कपिल सिब्बल ने कहा,’ साबित हो गया कि विपक्ष के झूठ का घोटाला हुआ है। बिना किसी सबूत के यूपीए सरकार पर निराधार आरोप लगाए गए। तत्कालीन कैग विनोद राय ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ साजिश की थी। इस फैसले ने साबित कर दिया है कि राय की निष्ठा किस ओर थी।’

कपिल सिब्बल ने आगे कहा,’जब मैंने जीरो लॉस की बात कही थी तो तत्कालीन विपक्ष और ऑनलाइन ट्रोलर्स ने मुझे निशाने पर लिया था। आज कोर्ट ने यूपीए सरकार की बात पर मुहर लगाई है।’ पी चिदम्बरम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा की एक हाई प्रोफाइल 2 लाख करोड़ के घोटाले में सरकार के वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों के शामिल होने की बातें पूरी तरह से निराधार थीं। हम हमेशा यही कहते रहे और मुझे बेहद खुशी है कि आज सत्य की जीत हुई है।

उधर गुलाब नबी आज़ाद ने राज्यसभा में इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि जिस घोटाले की वजह से हम आज विपक्ष में बैठे है, हमारी सरकार गयी, आज पता चला की वह हुआ ही नही। इस दौरान राज्यसभा में ख़ूब हंगामा हुआ। वही पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद सुब्रमणयम स्वामी ने कहा की मैंने अभी पूरा फ़ैसला नही पढ़ा है। हालाँकि स्वामी ने केंद्र सरकार से अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट जाने की माँग की।

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