नई दिल्ली । गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार और मतदान, दोनो ख़त्म हो चुके है। लेकिन अभी भी दोनो मुख्य राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा में घमासान मचा हुआ है। दरअसल गुरुवार को गुजरात चुनाव के अंतिम चरण का मतदान सम्पन्न हो गया है। इसके तुरंत बाद न्यूज़ चैनल ने अपने अपने एग्ज़िट पोल के ज़रिए अनुमान लगाया की एक बार फिर राज्य में भाजपा की सरकार बनने जा रही है।

यही बात कांग्रेस को हज़म नही हो रही है। कांग्रेस को आशंका है की मतदान के दौरान ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। ख़ुद उनके सहयोगी और पाटिदार नेता हार्दिक पटेल ने भी यही आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है की ज़मीनी स्तर पर भाजपा हार रही है। फिर ऐसे परिणाम केवल ईवीएम के साथ छेड़छाड़ के बाद ही संभव है। लेकिन इस बार गुजरात चुनाव में ईवीएम के साथ साथ वीवीपेट मशीन का भी इस्तेमाल हुआ है।

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इसलिए गड़बड़ी की आशंकाए बेहद कम है। लेकिन इसमें एक पेंच है। दरअसल मतगणना के दौरान वीवीपेट की पर्चियों की गणना नही होती इसलिए किसी भी सम्भावित गड़बड़ी का पता लगाना सम्भव नही है। यह बात कांग्रेस को भी पता है और भाजपा को भी। इसलिए कल प्रसारित हुए एग्ज़िट पोल के बाद कांग्रेस में खलबली मची हुई है। इसलिए शुक्रवार को कांग्रेस की और से सप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाख़िल की गयी है।

याचिका में कांग्रेस ने माँग की है की मतगणना के समय ईवीएम के साथ साथ वीवीपेट की पर्चियों का भी मिलान हो। इसके लिए कांग्रेस ने वीवीपेट की 25 फ़ीसदी पर्चियों का मिलान करने की माँग की है। कांग्रेस की और से कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में यह याचिका दाख़िल की। ख़बर है कि कोर्ट दो बजे इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है। यह पहली बार है की किसी भी राजनीतिक दल की और से वीवीपेट की पर्चियों की गिनती की माँग की गयी है।

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