Wednesday, June 16, 2021

 

 

 

जयललिता की मौत के 65 दिन बाद AIADMK में हुई बगावत, पन्नीरसेलवम ने कहा, जबरदस्ती लिया गया इस्तीफा

- Advertisement -
- Advertisement -

चेन्नई | तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के 65 दिन बाद ही उनकी पार्टी में बगावत हो गयी है. मुख्यमंत्री पन्नीरसेलवम ने शशिकला पर आरोप लगाया है की मुझ पर इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया गया. अगर तमिलनाडु की जनता चाहेगी तो मैं अपना इस्तीफा वापिस लेने के लिए तैयार हूँ. उधर जयललिता की भतीजी ने भी शशिकला के खिलाफ मोर्चा खोला है.

पन्नीरसेलवम ने जयललिता की समाधी पर करीब 40 मिनट मौन बैठने के बाद प्रेस कांफ्रेंस कर बताया की अम्मा की आत्मा ने मुझे यहाँ बुलाया था. मेरी आत्मा मुझे अन्दर से कचोट रही थी इसलिए मैं सच्चाई कहने का फैसला किया. मैं आपको बताना चाहता हूँ मैं अम्मा की मौत के बाद मुख्यमंत्री नही बनना चाहता था लेकिन अन्नाद्रमुक मंडल के चेयरमैन ने मुझे मनाया तो मैं मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हुआ.

पन्नीरसेलवम ने आगे कहा की अब मुझे अपमानित किया जा रहा है. रविवार को पोश गार्डन बुलाकर मुझे इस्तीफा देने के लिए कहा गया. AIADMK के नेताओं ने मुझे कहा की शशिकला को मुख्यमंत्री बनाने के लिए तुम्हे इस्तीफा देना होगा. मेरे इनकार करने पर उन्होंने मुझ पर दबाव बनाया. मुझे धमकाया गया और अम्मा की समाधी पर भी नही जाने दिया गया. मुझसे कहा गया की अगर तुमने इस्तीफा नही दिया तो तुम्हारे खिलाफ कार्यवाही की जायेगी.

पन्नीरसेलवम के बाद जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार ने भी शशिकला पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा की जयललिता के साथ 33 साल बिता लेना मुख्यमंत्री बनने की काबलियत नही है. अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो यह तमिलनाडु की जनता के साथ धोखा होगा क्योकि उन्होंने जयललिता को वोट दिया था , शशिकला को नही. दीपा ने 24 फरवरी को जयललिता की जयंती के मौके पर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने के बारे में खुलासा करेगी.

उधर पन्नीरसेलवम के आरोपो पर पार्टी नेता एम थंबीदुरई ने कहा की पन्नीरसेलवम पर इस्तीफा देने के लिए मजबूर नही किया गया. विधायक दल की बैठक में शशिकला को नेता चुना गया तो स्वाभाविक है की सभी विधायक शशिकला को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते है और उनके साथ है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles