कोरोना के चलते भारत में पूर्वोत्तर के नागरिकों पर एक के बाद एक नस्लीय हमले सामने आ रहे है। ऐसे में अब मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष मुद्दा उठाते हुए हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने इस सिलसिले में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के भी हस्तक्षेप का अनुरोध किया ताकि दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो सके।

दरअसल, मैसूर का एक विडियो वायरल हुआ है जिसमें दिखाई दे रहा है कि पूर्वोत्तर के कुछ लोगों को किराने की एक दुकान पर कथित तौर पर घुसने से मना किया जा रहा है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए जोरमथंगा ने लिखा है कि मैं ये दखकर बेहद दुखी हूं, ये कैसे हो सकता है, मानवता इतनी नीचे कब चली गई।

उन्होंने कहा, ‘मैं इस वीडियो को देखकर बहुत दुखी और हैरान हूं। मानवता का स्तर इतना नीचे कब हो गया।’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले पर गौर करने और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है।

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘मैं नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी से इस मामले को देखने का अनुरोध करता हूं।’ जोरामथांगा ने इस विडियो में मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और अरुणाचल प्रदेश के उनके समकक्ष पेमा खांडू को टैग किया है।

इस बीच, कॉनरैड संगमा ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि यह घटना हाल ही में मैसूर में हुई थी। मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मैसूर के सांसद प्रताप सिम्हा से बात की, जिन्होंने उन्हें सूचित किया कि घटना के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।

Loading...
लड़के/लड़कियों के फोटो देखकर पसंद करें फिर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

 

विज्ञापन