col purohit

मुंबईः मालेगांव ब्ला’स्ट मुख्यारोपी लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत ही मुकदमा चलेगा

दरअसल, मुंबई की विशेष एनआईए अदालत ने कर्नल पुरोहित की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पुरोहित ने इस अधिनियम के तहत मुकदमा चलाए जाने को लेकर चुनौती दी थी। कर्नल पुरोहित ने कोर्ट में याचिका कर मांग की थी कि उनके खिलाफ चल रहे मालेगांव ब्ला’स्ट केस से UAPA यानी अनलाफुल एक्टिवीटिज (प्रिवेंशन) एक्ट की धारा को हटाया जाए।

याचिका में कर्नल पुरोहित ने कहा था कि उन पर लगाई गई धारा वैध नहीं है। इस पर एनआईए अदालत ने कहा है कि लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित के ऊपर यूएपीए के तहत दायर किया गया मुकदमा पूरी तरह से वैध है और यह जारी रहेगा।इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी पुरोहित की आरोप तय करने पर स्टे की मांग खारिज कर दी थी।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मालेगांव ब्लास्ट मामले की एसआईटी से जांच कराने की याचिका पर सुनवाई से ही इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह अपनी इस अर्जी को ट्रायल कोर्ट में ही दाखिल करें। वहीं बॉम्बे उच्च न्यायालय ने कर्नल पुरोहित एवं अन्य की यह याचिका पहले ही खारिज कर चुका था।

बता दें कि 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक ब’म धमा’के में 7 लोगों की मौ’त हो गई थे। इस वि’स्फोट में 100 से अधिक लोग घाय’ल हुए थे यह धमाका उस वक्त हुआ था, जब मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ रहे थे इसकी वजह से लोगों को जान-माल का नुकसान अधिक हुआ था

बाद में इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुरस्वामी दयानंद पांडेमेजर रमेश उपाध्याय और कर्नल श्रीकांत पुरोहित सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था इन पर ह’त्याह’त्या की कोशिश और आपराधिक साजिश के साथ यूएपीए भी लगाया गया था

Loading...