2008 में हुए मालेगांव बम धमाके के मुख्य आरोपी पूर्व मिलिटरी इंटेलिजेंस ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित आज जेल से रिहा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद 9 साल बाद पुरोहित को जेल से रिहा किया गया.

पुरोहित को महाराष्ट्र के मालेगांव के अंजुमन चौक तथा भीकू चौक पर 29 सितंबर 2008 को बम धमाके के मामले में गिरतार किया गया था. इनमें छह लोगों की मौत हो गई थी और 101 लोग घायल हुए थे. इस मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भी एक अभियुक्त हैं. जिसे बीती अप्रैल में ही बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से ज़मानत दी गई है.

मध्यमवर्गीय महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार से आने वाले पुरोहित ने सेना के गोदाम से कथित पर 60 किलोग्राम आरडीएक्स चुराया था. जिसके चलते उसे जेल भी हुई थी. इस आरडीएक्स का इस्तेमाल उसने मालेगांव ब्लास्ट में किया था. कर्नल पुरोहित ने अभिनव भारत को वित्तीय मदद देने और उसके सदस्यों को प्रशिक्षित भी दिया था.

एनआईए के मुताबिक, पुरोहित ने अभिनव भारत की गुप्त बैठकों में हिस्सा लेने और धमाकों के लिए विस्फ़ोटक तक जुटाने की अपनी सहमति दे दी.  उन्होंने अभिनव भारत से अपने ताल्लुकात को कबूल किया, और बताया कि उन्होंने संगठन की कुछ बैठकों में शिरकत की थी, लेकिन सिर्फ एक सेनाधिकारी के रूप में.

उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि संगठन की गतिविधियों के बारे में उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी थी. हालांकि पुरोहित की गिरफ्तारी के तुरंत बाद सेना ने एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया था. जिससे बाद में पुरोहित को सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश भी हुई थी.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?