हिसार | हरियाणा , जाट आन्दोलन की आग में एक बार फिर जलता दिखाई दे रहा है. यहाँ पिछले तीन दिन से आरक्षण की मांग को लेकर जाट धरने पर है. फ़िलहाल यह आन्दोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है. लेकिन हिसार का मिर्चपुर , छह साल बाद, एक बार फिर सुर्खियों में है. यहाँ जाटो और दलितों के बीच हुए जातीय संघर्ष में करीब 9 दलित घायल हो गए है.

मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को मामलू कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मंगलवार तक एक बड़े जातीय संघर्ष का रूप ले चूका था. बताया जा रहा है की यहाँ साइकिल पर करतब दिखाने वाले एक कलाकार का कार्यक्रम चल रहा था. इस दौरान वहां जाट और दलित जाति के कुछ युवक मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान ही जाट युवको ने दलित युवको पर फब्तिया कसनी शुरू कर दी. जिसकी वजह से वहां तनाव का माहौल पैदा हो गया.

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कुछ देर में ही इस तनाव ने मारपीट का रूप ले लिया. दोनों तरफ के युवको में मारपीट होनी शुरू हो गयी. जिसमे दलित समाज के 9 युवक घायल हो गए. संघर्ष के दौरान ही दलित युवक शिवकुमार ने अपने भाई सोमनाथ को फ़ोन कर घटना स्थल पर बुला लिया. इस दौरान वहां काफी लोग इकठ्ठा हो गए. दोनों तरफ से खूब लाठी डंडो और इंट पत्थरो का इस्तेमाल किया गया.

जाटो के साथ हुए संघर्ष के बाद यहाँ का दलित दहशत में है. यही वजह है की यहाँ से करीब 40 दलित परिवार पलायन कर चुके है. पलायन की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी गाँव पहुंचे और उन्होंने दलित परिवारों को खूब समझाने का प्रयास किया लेकिन वो नही माने. उनकी मांग थी की जब तक उनका पुनर्वास न कराया जाए और गाँव में सुरक्षा के लिए सीआरपीऍफ़ की तैनाती न की जाए तब तक वो गाँव वापिस नही लौटेंगे.

हालाँकि फ़िलहाल गाँव को छावनी में तब्दील कर दिया है. यहाँ सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गयी है. फ़िलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनावपूर्ण है. मालूम हो की 6 साल पहले मिर्चपुर में इस तरह के संघर्ष के बाद ही जाटो ने दलितों के घरो में आग लगा दी थी जिसके बाद करीब 130 दलित परिवारों ने यहाँ से पलायन कर दिया था.

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