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उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक मुस्लिम लड़के से प्रेम संबंध को लेकर हिन्दू मेडिकल छात्रा के साथ पुलिस की बदसलूकी के खुलासे के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पीड़िता ने दावा किया कि पुलिस ने मेरे सहपाठी के खिलाफ रेप का फर्जी केस दर्ज कराने के लिए दबाव बनाया।

पीड़िता ने बताया कि “वह अपने दोस्त के साथ पढ़ने के लिए उसके घर पर गई थी, जहां हम बैठकर पढ़ाई कर रहे थे, बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां आए। उन्होंने हमें एक कमरे में बद कर दिया और मेरे सहपाठी की पिटाई की। उन्होंने मुझसे आईडी कार्ड की मांग की। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम शादी कैसे करोगी, क्योंकि वह मुस्लिम है। हमने उनसे कहा ऐसा कुछ भी नहीं है, जैसा कि वे सोच रहे हैं।”

पीड़िता ने कहा, “बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई बदसलूकी के कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हमें एक दूसरी गाड़ी में बैठा दिया। गाड़ी में महिला पुलिसकर्मी ने मुझे गालियां दीं और मेरे साथ मारपीट की। पुलिस थाने में मुझसे मरे सहपाठी के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराने के लिए कहा गया और इसके लिए दबाव बनाया गया, लेकिन मैंने और मेरे परिवार ने ऐसा करने से मना कर दिया।”

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पीड़िता के आरोपो पर एसपी ने कहा, “इस मामले में विभागीय जांच चल रही है। आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। उस वीडियो की भी जांच की जा रही है, जिसमें महिला के साथ मारपीट की जा रही है।” इस घटना से आहत सुप्रीम कोर्ट के नामचीन वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण उक्त कारनामे पर भी पुलिस को सुप्रीम कोर्ट में घसीटेंगे। उन्होंने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी।

अपने ट्वीट में प्रशांत भूषण ने कहा है कि योगी की पुलिस उग्र ताने दे रही है। पुलिस वैन में बैठी अकेली लड़की से पुलिस मारपीट कर रही है। लड़की का गुनाह यह है कि उसकी एक मुस्लिम लड़के से दोस्ती है। लव जिहाद नाम में पुलिस का यह गुंडाराज है। आरोपित पुलिसकर्मी बर्खास्त होने चाहिए। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में जाना जरूरी है।

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