तबरेज के पिता की मॉब लिं’चिंग का दावा झूठा, चाचा ने किया खुद खंडन

10:57 am Published by:-Hindi News

झारखंड के सरायकेला खरसावां में भीड़ की हिंसा का शिकार हुए तबरेज अंसारी के मामले में दावा किया जा रहा है कि उनके पिता मस्कूर अंसारी भी करीब 15 वर्ष पहले इसी तरह मारे गए थे। लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठ है। इसका खंडन खुद तबरेज के चाचा ने किया है।

तबरेज के चाचा ने कहा कि दोस्तों के साथ विवाद के बाद उसके (तबरेज) पिता की हत्या हुई थी। मरसूद आलम ने कहा कि मैं ऐसी खबरों का खंडन करता हूं, जिसमें कहा जा रहा है कि तबरेज की ही तरह उसके पिता की 15 साल पहले मॉब लिचिंग के दौरान हत्या कर दी गई थी।  दोस्तों के साथ विवाद के बाद 15 साल पहले हत्या हुई थी और हमें उनका शव एक हफ्ते बाद मिला था।

बता दें कि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 15 साल पहले तबरेज अंसारी के पिता मस्कूर अंसारी को जमशेदपुर के बागबेड़ इलाके में चोरी करते हुए भीड़ ने पकड़ लिया था। एक स्थानीय नेता के मुताबिक पहचान के बाद वह मस्कूर के शव को उसके गांव वापस लाने के लिए जमशेदपुर गए थे।

बता दें कि 17 जून की रात में खरसावां के क़दमडीहा निवासी तबरेज़ को कुछ लोगों ने खंभे में बांधकर बेदर्दी से पीटा थे। इस दौरान उससे नाम पूछ कर ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे भी लगवाए गए। तबरेज के पत्नी शाइस्ता परवीन ने पुलिस को अपनी शिकातय में कहा है कि 17 जून को उसके पति जमशेदपुर जा रहे थे, उसी दौरान धातकीडीह गांव में पप्पू मंडल और उनके लोगों ने उनके साथ मारपीट की।

तबरेज के पत्नी का कहना है कि उनलोगों ने रात भर उनके पति को बिजली के खंंभे में बांधकर रखा गया। इस दौरान उनसे जबरन जय श्री राम और जय हनुमान का नारा भी लगवाया गया। शाइस्ता परवीन ने शिकायत मेंकहा कि रातभर मारपीट किए जाने के बाद सुबह उनके पति को सरायकेला जेल भेज दिया गया। तबरेज़ की शादी इसी साल 27 अप्रैल को हुई थी।

खानदानी सलीक़ेदार परिवार में शादी करने के इच्छुक हैं तो पहले फ़ोटो देखें फिर अपनी पसंद के लड़के/लड़की को रिश्ता भेजें (उर्दू मॅट्रिमोनी - फ्री ) क्लिक करें