बरेली | 15 अगस्त में मदरसों में राष्ट्रगान गाने और शहीदों को श्रदांजली देने के योगी सरकार के फैसले के खिलाफ कई मुस्लिम संस्थाओ ने फतवा जारी किया था. मुस्लिम संस्थाओ का तर्क था की ऐसा आदेश देकर मुस्लिमो की देशभक्ति को संदेह की नजरो से देखा जा रहा है. इसलिए कई संस्थाओ ने स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रगान गाने सम्बन्धी सरकार के फैसले को नही मानने के लिए कहा था.

कुछ ऐसी ही अपील बरेली के शहर काजी और आला हजरत खानदान से जुड़े मौलाना असजद रजा खान ने भी की थी. उन्होंने मदरसों से राष्ट्रगान नही गाने की अपील की थी. अब यह अपील मौलाना असजद रजा खान के लिए मुसीबत का सबब बन गयी है. दरअसल एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेएम् ने मामले में पुलिस से रिपोर्ट तलब की है. मामले की अगली सुनवाई 4 सितम्बर को होगी.

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गुरुवार को मानव अधिकार संरक्षण मंच के अध्यक्ष और वकील वीरेंद्र गुप्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल कर मौलाना असजद रजा खान के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की. वीरेंदर ने अपनी याचिका में कहा की मौलाना असजद ने राष्ट्रगान नही गाने की अपील कर राष्ट्रगान का अपमान किया है. इसके अलावा उन्होंने सरकार के फैसले को भी चुनौती देने का काम किया.

अपनी याचिका में वीरेंद्र गुप्ता ने कहा की समाज में मौलाना असजद का अच्छा खासा प्रभाव है. ऐसे में उन्होने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मदरसों में राष्ट्रगान नही गाने की अपील की. ऐसा कर उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगो को राष्ट्रगान नही गाने के लिए उकसाया जो एक अपराध है. उनकी अपील से कटुता और शत्रुता की भावना उत्पन हुई. इसलिए मौलाना असजद के खिलाफ कठोर कार्यवाही होनी चाहिए. फ़िलहाल सीजेएम् लता राठौर ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा.

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