चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किये गये महाभियोग प्रस्ताव को राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने खारिज कर दिया है. नायडू ने अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल सहित संविधान के जानकारों तथा कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श करने के बाद ये फैसला लिया है.

बताया जा रहा है कि महाभियोग प्रस्ताव पर सात रिटायर्ड सासंदों के दस्तखत होने की वजह से राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. साथ ही उपराष्ट्रपति को इस प्रस्ताव में कोई मेरिट नहीं दिखा. इस फैसले से चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग की मुहिम चलाने वाली कांग्रेस को करारा झटका लगा है.

प्रस्ताव को खारिज करने पर सवाल उठाते हुए वरिष्ट वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के पास मेरिट के आधार पर रिजेक्ट करने का अधिकार नहीं. सभापति ने जो आदेश जारी किया है, वह दस पेज का है और इसमें सिलसिलेवार तरीके से खारिज करने के आधार को बताया गया है. इसमें 22 प्वाइंट्स हैं, जिसके आधार पर इस प्रस्ताव का खारिज किया गया है.

dipak647 111117025757

वहीँ पीएल पुणिया ने कहा कि यह वास्तव में एक महत्वपूर्ण मामला है. हम नहीं जानते कि इसे क्यों खारिज किया गया. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कुछ कानूनी विशेषज्ञों से बात करेंगे और अगला कदम उठाएंगे.

गौरतलब है कि गत शुक्रवार को कांग्रेस और छह अन्य विपक्षी दलों ने देश के प्रधान न्यायाधीश पर ‘कदाचार’ और ‘पद के दुरुपयोग’ का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस दिया था. महाभियोग प्रस्ताव पर कुल 71 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं जिनमें सात सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके है.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?