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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर ख़रीद मामले में कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल को मंगलवार देर रात दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है. मिशेल फरवरी 2017 से दुबई की जेल में बंद था. अब उसे सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मिशेल को भारत प्रत्यर्पित करने के ऑपरेशन को ‘यूनिकॉर्न’ नाम दिया गया था. सीबीआई ने मंगलवार को एक बयान जारी कर बताया कि मिशेल को भारत प्रत्यर्पित करने का ऑपरेशन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में चलाया गया. सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव इस ऑपरेशन को कॉर्डिनेट कर रहे थे.

एजंसी के संयुक्त निदेशक साई मनोहर के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम दुबई गई थी. इससे पहले दुबई सरकार ने उसे प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है. इस कदम के खिलाफ की गई उसकी अपील को अदालत ने खारिज कर दिया था. दुबई कोर्ट आॅफ कैसेशन ने उसके वकील की ओर से दायर दो आपत्तियों को खारिज कर दिया है और भारत के सक्षम प्राधिकारियों को उसे प्रत्यर्पित करने की संभावना पर विचार करने के अपीलीय अदालत के फैसले को बरकरार रखा.

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सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि मिशेल ने सह-आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र रचा. इसके तहत लोक सेवकों ने वीवीआइपी हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया. भारत सरकार ने आठ फरवरी 2010 को रक्षा मंत्रालय के जरिए ब्रिटेन की अगस्तावेस्टलैंड इंटरनेशनल लि. को लगभग 55.62 करोड़ यूरो का ठेका दिया था.

ईडी ने जून 2016 में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी. इसमें कहा गया था कि उसने अगस्ता वेस्टलैंड से करीब 225 करोड़ रुपये प्राप्त किए. ईडी ने कहा था कि यह पैसा और कुछ नहीं, बल्कि कंपनी द्वारा 12 हेलीकॉप्टरों के समझौते को अपने पक्ष में कराने के लिए वास्तविक लेन-देन के ‘नाम पर’ दी गई ‘रिश्वत’ थी. फरवरी 2017 में उसे UAE में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.

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