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Muslim woman
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बाराबंकी । मुस्लिम युवतियों द्वारा हिजाब पहनने की परंपराओं के बीच दुनिया भर से ऐसी ख़बरें सामने आती है जिसमें युवतियों को हिजाब पहनने से रोका गया। यही नही हिजाब हटाने से मना करने पर कई मुस्लिम युवतियों को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। लेकिन भारत अभी तक इस तरह की घटनाओं से अछूता ही रहा है। हालाँकि अब शायद यह कहना ग़लत होगा क्योंकि उत्तर प्रदेश से इस तरह की एक घटना सामने आयी है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक मिशनरी स्कूल ने उनके यहाँ पड़ने वाली एक मुस्लिम छात्रा के हिजाब पहनने पर रोक लगा दी। हैरान कर देने वाली बात यह है की जब छात्रा के पिता ने इसका विरोध किया तो स्कूल की तरफ से उन्हें नसीहत दी गयी की आप अपनी बेटी का एडमिशन किसी इस्लामिक स्कूल में करा सकते है। छात्रा के पिता ने इस बारे में ज़िलाधिकारी से भी शिकायत की लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ।

न्यूज़ एजेन्सी एएनआइ के अनुसार छात्रा के पिता ने जब इस बारे में स्कूल प्रबंधन को चिट्ठी लिखी तो उन्होंने जवाब में कहा, ‘स्कूल अपने नियमों से किसी प्रकार की छूट नहीं दे पाएगा। आपको यह स्पष्ट किया जाता है कि यह स्कूल अल्पसंख्यकों के लिए है। मगर अल्पसंख्यक श्रेणी में भी कई समुदाय आते हैं और ऐसे में एक समुदाय अपने नियम बाकी पर नहीं थोप सकता।’

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स्कूल की प्रिंसिपल अर्चना थॉमस ने भी छात्रा के पिता को नसीहत देते हुए कहा की अगर आपको कोई दिक्कत होती है, तो आप अपने बच्चे को इस्लामिक स्कूल में भर्ती करा सकते हैं लेकिन आप स्कूल की कार्यप्रणाली पर ग़ैर ज़रूरी सवाल नही उठा सकते। उधर इस बारे में मीडिया से बात करते हुए छात्रा के पिता रिज़वी ने बताया,’मेरी बेटी और बाकी लड़कियों को स्कूल में स्कॉर्फ लगाने के लिए मना किया गया। मैंने पूछा कि हमारे सिख भाइयों को तो अनुमति दी जाती है। जबकि पगड़ी स्कूल के ड्रेस कोड का हिस्सा नहीं है। स्कूल के प्रिंसिपल से इस पर बात की, तो उन्होंने साफ कर दिया वह मदद नहीं करेंगी।’