siddhramaiya

बंगलौर | नोट बंदी से पुरे देश में कैश की किल्लत हो रही है. इससे न केवल आम आदमी परेशान है बल्कि ख़ास लोगो को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कुछ ऐसा ही हुआ कर्नाटक के मुख्यमंत्री के साथ. मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जब एक महिला मदद मांगने के लिए पहुंची तो उन्होंने उसको यह कहकर वापिस भेज दिया की मेरे पास भी कैश नही है.

गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का जनता दरबार लगा हुआ था. यहाँ मुख्यमंत्री से मिलने एक महिला पहुंची. महिला ने अपना नाम कमलम्मा बताया. वो सिद्धरमैया के चुनावी क्षेत्र मैसूर के वरुणा की रहने वाली थी. इस महिला ने मुख्यमंत्री को बताया की उसके पास पैसे नही है. उसके बेटे की मौत हो चुकी है इसलिए उसको जीवन यापन करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है.

महिला की आपबीती सुनने के बाद सिद्धरमैया ने कहा की मैं तुम्हे पैसे नही दे सकता. जब से मोदी जी ने पुराने नोटों को बंद किया है तब से मेरे पास भी कैश नही है. मोदी जी की वजह से पैसा बंध गया है. मैं चाहते हुए तुम्हारी मदद नही कर सकता. मैं केवल तुम्हे घर जाने के लिए बस का किराया दे सकता हूँ. नोट बंदी के बाद यह बड़ा सवाल उभर कर आ रहा है की ऐसे लोग अपना जीवन यापन कैसे कर रहे है.

अगर एक प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास अपनी जनता की मदद करने के पैसे नही है तो फिर आम जनता के पास कहाँ से होंगे. मोदी सरकार चाहे कितना भी दावा करे की हालात सामान्य हो रहे है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है. जमीनी स्तर पर हालात और भी बदतर है. कुछ लोग अपने रोजगार को छोड़कर घर लौट रहे है तो किसी के कारखाने बंद हो चुके है. अभी हालात सामान्य होने में कितने दिन लगेगे , यह कहना मुश्किल है.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें