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ग्वालियर: विपक्ष की और से EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को खारिज करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने कहा कि ये सिर्फ हवा में है। क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल उनसे आकर नहीं मिला है ना ही कोई प्रतिनिधिमंडल आया है, जिसने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की हो।

उन्होंने कहा कि मतपत्र से होने वाले चुनाव में गड़बड़ी की संभावना ज्यादा रहती है,जबकि ईवीएम में ऐसा संभव नहीं है। श्री रावत ने कहा कि मतपत्र से चुनाव को लेकर सभी पार्टियों के साथ बैठक जरूर हुई है, लेकिन उनसे 17 विपक्षी दलों ने मतपत्र को लेकर विरोध जैसी कोई बात अभी तक नहीं कही है। यदि वे लोग आकर अपनी बात रखते हैं तो उनका स्वागत है।

उन्होंने मतपत्र से चुनाव करने सम्बन्धी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कि मतपत्र पर एक साथ सील लगाई जा सकती है और उसे एक साथ मतपेटियों में डाला जा सकता है,लेकिन ईवीएम मशीन में एक मत डालने में 15 सैकंड का समय लगता है, एक मशीन में पूरे मत डालने में 4 से 5 घंटे का समय लगेगा। इस दौरान सुरक्षा बल आकर स्थिति संभाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित होने वाले मत अपने आप कट जाएंगे।

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मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों की शिकायतें आई हैं,उन पर काम चल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव में अधिक से अधिक मत डलें इसके लिए प्रयास जारी है । मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण का काम भी अच्छी तरह किया जा रहा है।

देश में एक साथ चुनाव कराने के सवाल पर चुनाव आयुक्त ने कहा कि इसके लिए कानून और संविधान में संशोधन करना होगा, साथ ही ईवीएम मशीनों की संख्या पुलिस फोर्स कि तैनाती मतदान केंद्रों की संख्या सभी चीजें प्रभावित होंगी जब यह चीजें पर्याप्त हो जाएंगी तभी एक साथ चुनाव कराने के बारे में बात की जा सकती है।

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