सिनेमाघरों में किसी फिल्म की शुरूआत से पहले राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य को खत्म करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने अपने रुख में बदलाव लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से आदेश बदलने की अपील की है.

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने श्यामनारायण चौकसी की पीआईएल पर 30 नवंबर 2016 को दिये एक आदेश जारी कर देश भर के सिनेमाघरों में फिल्म चालू होने से पहले राष्ट्रगान बजाना साथ ही इस दौरान सभी दर्शकों को राष्ट्रगान के सम्मान में खड़ा होना भी अनिवार्य कर दिया था.

इस मामले में अब केंद्र ने कहा कि एक अंतर-मंत्रालयीन समिति बनाई गयी है क्योंकि उन परिस्थितियों और अवसरों को वर्णित करने वाले दिशानिर्देश तय करने के लिए गहन विचार-विमर्श जरूरी हैं जब राष्ट्रगान बजाया जाना चाहिए.

सरकार ने कहा कि उसने गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (सीमा प्रबंधन) की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयीन समिति बनाने का फैसला किया है जिसमें रक्षा, विदेश, संस्कृति, महिला और बाल विकास तथा संसदीय कार्य मंत्रालय समेति विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि होंगे. समिति इसके गठन से छह महीने के अंदर अपनी सिफारिशें देगी.

इसका मतलब ये हुआ कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने चाहा तो सिनेमा हॉल्स में अब राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं होगा. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 9 जनवरी यानि आज सुनवाई करेगा.

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