Wednesday, October 20, 2021

 

 

 

तीन तलाक़ बिल पर मोदी सरकार ने लगाई मोहर, तीन साल जेल का रखा प्रावधान

- Advertisement -
- Advertisement -

triple talaq 1 620x400

नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने ट्रिपल तलाक़ को लेकर बनाये गए बिल को मंज़ूरी दे दी है। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इस बिल पर मोहर लगा दी गयी। अब इसे मंज़ूरी के लिए संसद के दोनो सदनो में रखा जाएगा। फ़िलहाल संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है जो 5 जनवरी तक चलेग। अगर सब कुछ ठीक रहा हो उम्मीद है की इसी सत्र में यह बिल पास हो जाएगा।

ट्रिपल तलाक़ को लेकर सप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने इंटर मिनिस्टर की एक समिति को बिल तैयार करने की ज़िम्मेदारी सौंपी थी। जिसकी अध्यक्षता गृह मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे। ‘मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ के नाम से तैयार ड्राफ़्ट को आज कैबिनेट बैठक में रखा गया। जिसे मोदी सरकार ने मंज़ूरी दे दी। पीटीआइ के अनुसार सरकार के इस विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि एक बार में तीन तलाक़ गैरकानूनी होगा।

इसलिए ऐसा करने वाले पति को तीन साल की सज़ा का प्रावधान रखा गया है। ड्राफ़्ट में तीन तलाक़ को किसी भी स्वरूप ( मौखिक, लिखित, इलेक्ट्रोनिक) में ग़ैर क़ानूनी माना गया है। इसके अलावा ट्रिपल तलाक़ पीड़ित महिला को खुद और अपने नाबालिग बच्चों के भरण-पोषण व गुजारा-भत्ते के लिए मजिस्ट्रेट से मांग करने का भी प्रावधान   है। कितना गुजारा-भत्ता देना है यह मजिस्ट्रेट तय करेगा।

यही नही नाबालिग़ बच्चे की कस्टडी के लिए भी पीड़ित मजिस्ट्रेट से गुहार लगा सकती है। फ़िलहाल इस बिल को कैबिनेट से मंज़ूरी मिली है जबकि ससंद से मंज़ूरी मिलना बाक़ी है। संसद से पास होने के बाद यह राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जिसके बाद यह क़ानून का रूप ले लेगा। मालूम हो कि 22 अगस्त को सप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक़ को गैरकानूनी क़रार देते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था की वो छह महीने के अंदर इस पर क़ानून बनाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles