उधमपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या को लेकर कहा कि उनकी हत्या सिर्फ इसलिए हुई कि वे बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे थे।

जितेंद्र सिंह ने कहा,” मैं नहीं मानता कि मैं इस स्थिति पर बात करने लायक हूं क्योंकि ये बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्रालय सूचनाओं के आधार पर इसका विश्लेषण करेगा। लेकिन मुझे ये कहने में कोई संकोच नहीं है कि ये पाकिस्तान प्रायोजित लोगों ने किया है। मैं इन घटनाओं से खुद बेहद दुखी और आहत हूं।”

उन्होने कहा, ”चाहें वो पत्रकार हो या फिर राजनेता हो। अगर उसने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की है तो उसकी यही नियति हुई है। शुजात बीच का रास्ता ढूंढने की कोशिश कर रहे थे। यही काम कुछ राजनेताओं जैसे मीरवाइज मौलवी फारुख कर रहे थे। यही काम अब्दुल गनी लोन भी कर रहे थे। मैं लंबी बात न कहते हुए पाकिस्तान की रणनीति पर बात करता हूं। जब भी कोई बीच का रास्ता निकालने और शांति की बात करता है तो वे उन्हें पूरे सीन से हटाने की कोशिश करने लगते हैं।”

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बता दें कि राइजिंग कश्मीर अखबार के एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गुरुवार शाम को दफ्तर से निकलते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में उनके निजी सुरक्षा कर्मी भी मारा गया था। ये हमला उस वक्त हुआ जब दिल्ली के कुछ पत्रकारों ने उन पर कश्मीर को लेकर ‘पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग’ करने आरोप लगाया था। उन्होंने घाटी में मानवाधिकार उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ट्वीटर पर पोस्ट की थी।

बता दें कि बुखारी राइजिंग कश्मीर के अलावा उर्दू दैनिक अखबार बुलंद कश्मीर, उर्दू साप्ताहिक कश्मीर परचम आदि से भी जुड़े रहे। राइजिंग कश्मीर का एडिटर बनने से पहले वह द हिंदू अखबार के जम्मू-कश्मीर ब्यूरो चीफ थे।

उन्होने मनीला की अटेनो डे मनीला यूनिवर्सिटी से सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म की फेलोशिप पर पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की थी। बुखारी को अमेरिका की विश्व प्रेस संस्थान और सिंगापुर की एशियन सेंटर फॉर जर्नलिज्म के अलावा हवाई के ईस्ट वेस्ट सेंटर से भी फेलोशिप मिली थी।