पुणे में भारतीय अग्रो इंडस्ट्रीज फाउंडेशन्स के स्वर्ण जयंती समारोह और स्थापना दिवस के अवसर पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य पर काम कर रही.

उन्होंने कहा, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा नीम लेपित यूरिया उपलब्ध कराने से कृषि लागत में कमी आयी है और उत्पादन भी बढा है. देश ग्रीन और वाइट रिवोल्यूशन से परिचित है लेकिन अब ब्ल्यू और स्वीट रिवोल्यूशन पर ध्यान देने तथा खेती में सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की जरुरत है जिससे डीजल की खपत कम की जा सके और खेती की लागत घटे.

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प्रधानमंत्री ने कहा कि मछली पालन और मधुमक्खी पालन से किसान और मछुआरे अतिरिक्त आय बढा सकते हैं. एक किसान 50 बी कालोनी से सालाना दो लाख रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकता है और मधुमक्खी के माध्यम से फसलों में परागण से उत्पादकता में भी वृद्धि हो सकती है. उन्होंने कहा कि वाटर रिवोल्यूशन से उनका आशय किसानों को समझदारी से पानी के उपयोग करने को लेकर है.

मोदी ने कहा कि खेती में कोई भी चीज बेकार की नहीं है और इसके अवशेषों से कम्पोस्ट तैयार कर किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने किसानों से खेतों के मेड़ पर सोलर पैलन लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि गांवों में सोलर कोआपरेटिव बनाकर न केवल पूरे गांव को बिजली की आपूर्ति की जा सकती है बल्कि इसे बेचा भी जा सकता है.

मोदी ने कहा कि गांव को सशक्त करके ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है और इसके लिए केन्द्र, राज्यों, किसानों तथा विभिन्न संस्थाओं को मिलकर मिशन मोड में काम करने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि केवल धान, गेहूं और सरसों की खेती ही कृषि नहीं है बल्कि कृषि से जुडा हर क्षेत्र बहुत महत्वपूर्ण है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में लोग खानपान की चीजों में रसायन से मुक्ति चाहतें हैं. इसके लिए जैविक कृषि और औषधीय तथा सुगंध वाले पौधों की खेती के लिए किसानों को जागरुक करने की जरुरत है. विदेशों में जैविक और औषधीय एवं सुगंध वाले पौधों की भारी मांग है और इससे किसानों की आय को बढाया जा सकता है.

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