Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

सीडीएस रावत बाेले – चीनी सेना तिब्बत में स्थिति कर रही मजबूत, भारत किसी भी स्थिति के लिये तैयार

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प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को चीन-भारत गतिरोध के बीच पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) लद्दाख में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए विकास गतिविधियों को अंजाम दे रही है। उन्हाेंने कहा कि भारत भी हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।

जनरल रावत ने रडार की नजरों में न आने वाले स्वदेशी पोत ‘हिमगिरि’ के जलावतरण के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘लद्दाख में गतिरोध अभी जारी है। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कुछ निर्माण संबंधी गतिविधियां हो रही हैं। हर राष्ट्र अपने रणनीतिक हितों के आधार पर अपनी सुरक्षा को बढ़ाने के लिये तैयारी जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इसे लेकर ज्यादा चिंता होनी चाहिए क्योंकि हम अपनी तरफ भी ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय सशस्त्र सेनाएं कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगी।” सीडीएस ने कहा, “कोविड-19 महामारी के दौरान उत्तरी सीमा पर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति को बदलने के चीन के प्रयास के बाद जमीन, समुद्र और वायु में बेहद उच्च स्तर की तैयारी की आवश्यकता है।”

पाकिस्तान द्वारा लगातार किये जा रहे संघर्षविराम उल्लंघन के बारे में जनरल रावत ने कहा कि भारत इससे निपटने के लिये पूरी तरह तैयार है और ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने को लेकर दूसरे पक्ष को ज्यादा चिंता करनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत के पास और पनडुब्बियां होनी चाहिए या उसे एक और विमानवाहक पोत खरीदना चाहिए, रावत ने कहा कि दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं।

जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम हिंद महासागर में आतंकवाद और पाइरेसी की गतिविधियों का सामना कर रहे हैं। उससे निपटने में नेवी के ये युद्धपोत प्रभावकारी साबित होंगे। हमारी नेवी इस काम को बखूबी अंजाम दे रही है। उन्होंने कहा, सरकार की आत्मनिर्भर योजना से हम देश में रोजगार पैदा करने और लोकल फार लोकल को बढ़ावा देने में सक्षम हो पाएंगे।

उन्होंने कहा कि 2017 में डोकलाम गतिरोध के बाद भारतीय सेना ने कदम उठाएं है जिससे यह सुनिश्चित हो कि वहां बात और आगे न बढ़े। भारतीय सेनाएं डोकलाम में पीएलए की गतिविधियों पर सावधानीपूर्वक नजर रख रही हैं। दुनिया को दो शक्तिशाली सेनाएं 2017 में यहां 73 दिनों तक एक दूसरे के सामने डटी हुई थीं।

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