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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने ही स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ एक हाई प्रोफाइल घोटाले को दबाने के लिए घुस लेने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले राकेश अस्थाना के खिलाफ हैदराबाद के बिजनेसमैन सतीश सना की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

इस मामले में अस्थाना ने सरकार को एक पत्र लिखकर गलत एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाया। अस्थाना का दावा है कि सतीश सना कि यह शिकायत सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के कुछ अधिकारियों की साजिश है। उन्होंने सीबीआई चीफ और सीवीसी अरुण शर्मा के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

अस्थाना बताया कि उन्होंने अगस्त में ही कैबिनेट सचिव को इन शीर्ष अधिकारियों के भ्रष्टाचार के 10 उदाहरण, आपराधिक कदाचार, संवेदनशील मामलों की जांच में हस्तक्षेप की जानकारी दी थी।

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उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई चीफ ने मोइन कुरैशी के मामले में सतीश सना के खिलाफ चल रही जांच को असफल करने के बदले 2 करोड़ रुपयी की रिश्वत ली है। लेकिन जब सतीश सना को देश को छोड़ने से मना कर दिया और उसे जांच के दायरे में लाया गया तो उनके खिलाफ साजिश रची गई।

बता दें कि सतीश के खिलाफ मीट व्यापारी मोइन कुरैशीसे जुड़े एक मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच हो रही है।  सीबीआई को दिए बयान में सतीश सना ने कहा है कि उसने राकेश अस्थाना को 2 करोड़ रुपये की रिश्वत दी है। यह पैसा 10 महीने की अवधि में दिया गया है जिसकी शुरुआत दिसंबर 2017 से हुई है। ताकि सीबीआई इस केस में उसका नाम न दर्ज करे।

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