शिलाॅन्ग. शारदा घोटाले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से सीबीआई अफसरों ने शनिवार को शिलॉन्ग में पूछताछ की। रविवार को भी उनसे जानकारी जुटाई जाएगी। जांच एजेंसी ने तृणमूल सांसद कुनाल घोष को पूछताछ के लिए बुलाया है। कुमार पर घोटाले के सबूतों को नष्ट करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जांच में सीबीआई का सहयोग करने का आदेश दिया था।

सीबीआई के मुताबिक, ”राजीव कुमार पश्चिम बंगाल कैडर के तीन अन्य आईपीएस अधिकारियों और अपने छोटे भाई के साथ शुक्रवार शाम ही कोलकाता से मेघालय की राजधानी शिलाॅन्ग पहुंच गए थे। वे निजी गेस्ट हाउस में ठहरे हैं और उन्हें किसी से मिलने की इजाजत नहीं है।”

इसी बीच राजीव कुमार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कहा है कि वह शिलॉन्ग में ज्यादा दिन नहीं रुक सकते हैं। उन्होंने इसके पीछे सरस्वती पूजा और बोर्ड एग्जाम का हवाला दिया। स्पष्ट करते हुए बोले, “सरस्वती पूजा और बोर्ड परीक्षाओं के कारण मुझे कोलकाता लौटना है, लिहाजा मैं शिलॉन्ग में अधिक समय नहीं बिता सकता।”

कोलकाता पुलिस कमिश्नर के कानूनी सलाहकार ने सीबीआई से दरख्वास्त की कि वह पूछताछ के दौरान मौजूद तो रहना चाहते हैं, पर वह अधिक दिन शिलॉन्ग में नहीं रह सकते। 10 फरवरी को बसंत पंचमी है, जबकि 12 तारीख से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होंगी, लिहाजा वह शिलॉन्ग में और नहीं रुक पाएंगे। हालांकि, अभी तक इस पर सीबीआई का जवाब नहीं आया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कोलकाता पुलिस प्रमुख को सीबीआई के समक्ष पेश होने और सारदा चिट फंड घोटाले से उपजे मामलों की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। साथ ही, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाए।

घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी के प्रमुख थे कुमार

शारदा घोटाले की जांच के लिए 2013 में एसआईटी बनाई गई थी। इसका नेतृत्व 1989 बैच के आईपीएस राजीव कुमार कर रहे थे। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दिया था। इसके बाद राजीव कुमार को जनवरी 2016 में कोलकाता पुलिस का मुखिया बनाया गया था।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें