करीब 2 साल पहले कथित तौर पर ABVP के कार्यकर्ताओं से झगड़े के बाद जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के केंपस से लापता हुए छात्र नजीब अहमद को देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI तलाश नहीं कर पाई। मामले में सीबीआई को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति सोमवार को दे दी।

न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने मामले की जांच से सीबीआई को हटाने, जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करने और जांच की निगरानी करने का अनुरोध करने वाली, छात्र की मां फातिमा नफीस की याचिका को खारिज कर दिया।

अपनी आखिरी सुनवाई में सीबीआई के वकील ने पीठ को बताया कि एजेंसी ने मामले से संबंधित सभी चीजों का विश्लेषण कर लिया है और मामले को बंद करने के लिए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है। हालांकि नजीब की मां के वकील कोलिन गोंजालविस ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपियों से पूछताछ न  कर जांच एजेंसी उन्हें बचा रही है।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा, ‘सीबीआई ने दबाव में झुक गई है और वह इस मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच नहीं कर पाई है। सीबीआई आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ क्यों नहीं कर रही है?’ इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस ने भी की थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की धीमी जांच के लिए पुलिस को फटकार भी लगाई थी।

गौरतलब है कि अहमद की मां ने उच्च न्यायालय में अर्जी देकर अनुरोध किया था कि उनके बेटे का पता लगाने के लिए अदालत पुलिस को निर्देश दे। पीठ ने यह भी कहा कि यदि अहमद की मां को मामले पर स्थिति रिपोर्ट चाहिए तो उन्हें निचली अदालत जाना होगा।

Loading...