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इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में बुधवार को गुजरात पुलिस के पूर्व डीजीपी पीपी पांडे को अहमदाबाद की एक सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया है.

सीबीआई अदालत ने कहा कि इशरत जहां मुठभेड़ मामले में गुजरात के पूर्व पुलिस चीफ पीपी पांडे पर आरोप नहीं लगाए जाएंगे. पांडेय को सीबीआई ने 2013 में गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह एडीजीपी-सीआईडी (क्राइम) के पद पर तैनात थे. इशरत जहां एनकाउंटर केस में यह पहली घटना है जिसमें आरोपी को बरी कर दिया है.

पीपी पांडेय ने कोर्ट के फैसले के बाद कहा कोर्ट ने मेरी अर्ज़ी को मंजूर किया है. ये मेरे लिए बड़ी राहत है. न्याय देरी से मिला, लेकिन सच्चाई जरूर बाहर आती है. वहीं इस मामले में पीड़ितों के वकील शमशाद ने कि फैसले से पीड़ित पक्ष को काफी निराशा हुई है, जो न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे.

अदालत ने यह भी कहा कि पांडे सरकारी सेवक थे. लेकिन सीआरपीसी की धारा 197  के अनुसार उनके विरुद्ध आरोपपत्र दायर करने से पहले जांच अधिकारी ने सरकार से उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं ली.

ध्यान रहे अहमदाबाद अपराध शाखा के अधिकारियों ने 15 जून, 2004 को शहर के बाहरी इलाके में महाराष्ट्र के मुम्ब्रा की 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा इशरत जहां, उसके दोस्त जावेद शेख उर्फ प्रणेश, जीशान जोहर और अमजद राणा को कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था।

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