Thursday, October 21, 2021

 

 

 

बाबरी केस में सीबीआई कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को किया बरी

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अयोध्या में छह दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद को गिराने के मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष अदालत के जज एस.के. यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी। यह एक आकस्मिक घटना थी।

मामले में बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती समेत कुल 32 लोगों अभियुक्त बनाए गए थे। अदालत ने कहा कि किसी भी आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले।

फ़ैसला आने के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, ऐतिहासिक निर्णय दिया है, बहुत खुशी का दिन है। यह सिद्ध करता है कि अयोध्या में छह दिसंबर को जो हुआ वह अचानक हुआ है, कोई षड्यंत्र नहीं था। वहीं मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश के महत्वपूर्ण आंदोलन के रूप में सामने आया था और इसका उद्देश्य देश की अस्मिता और मर्यादाओं को सामने रखने का था। अब पूरा होने जा रहा। मैं यही कहूंगा जय जय सिया राम, सबको सन्मति दे भगवान।

उल्लेखनीय है कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बाबरी मस्जिद को गिराया जाना एक गैरकानूनी अपराध माना था। अब विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। दूसरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बाबरी विंध्वंस मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

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