Sunday, August 1, 2021

 

 

 

उड़ता पंजाब फिल्म पर सेंसरशिप की तलवार, फैसले के पीछे बताया भाजपा और अकाली दल को ज़िम्मेदार

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अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी फिल्म उड़ता पंजाब के 89 सीन्स पर सेंसर बोर्ड की तलवार लटक रही हैं. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के टाइटल के साथ 89 कट्स पर आपत्ति जताई हैं. जिसके बाद फिल्म को लेकर भारत कि राजनीती में गरमा-गर्मी शुरू हो गयी हैं. इस मामले में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने सेंसर बोर्ड के इस फैसले के पीछे शिरोमिनी अकाली दल और उसके साथी भाजपा को ज़िम्मेदार बताया है. जिसके बाद फिल्म के डायरेक्टर और निर्देशक सेंसर के इस फैसले खिलाफ हाई कोर्ट में गुहार लगने की सोच रहे हैं.

कॉंग्रेस्स पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्या मंत्री अरविन्द केजरीवाल इस मामले में सेंसर बोर्ड से सहमत नहीं हैं. इसके साथ ही राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा कि, पंजाब में ड्रग्स एक गम्भीर समस्या हैं, फिल्म उड़ता पंजाब पर रोक लगाना सही नहीं है, यह समस्या का समाधान नहीं हैं. सरकार को सच्चाई स्वीकार करनी होगी और इस समस्या से निपटने के लिए समाधान ढूंढने होंगे.

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि “कटौती फिल्म के शरीर से आत्मा बाहर लेने की तरह है , पंजाब में नशीली दवाओं के संकट के कटु सत्य को दबाने के बजाय, अकाली-भाजपा सरकार को समस्या को सुलझाने में अपनी ऊर्जा खर्च करना चाहिए”.

यह फिल्म 17 जून को रिलीज होने जा रही है. जिस पर सेंसरबोर्ड की कड़ी नज़र हैं. इस फिल्म में पंजाब के संदर्भ को लेकर कथित रूप से आपत्तियां जताई हैं. जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म में कुछ बदलाव किये जा सकते हैं.

वही फिल्में के निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म की सेंसरशिप के मामले पर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि, इसकी तुलना उत्तर कोरिया के तानाशाहीपूर्ण शासन से की है.इन्होने ट्विटर पर पोस्ट किया, ‘मुझे हमेशा आश्चर्य होता था कि उत्तर कोरिया में रहने पर कैसा महसूस होगा. अब तो प्लेन पकड़ने की भी जरूरत नहीं है.’

मुझे नहीं लगता उड़ता पंजाब से अधिक ईमानदार और कोई फिल्म नहीं है. और इसका विरोध करने वाला व्यक्ति या पार्टी वास्तव में ड्रग्स को बढ़ावा देने का दोषी है.’

फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर चल रही राजनीती पर कश्यप ने कहा कि राजनीति करने वाले लोग मेरे मामले से दूर रहे. कश्यप ने ट्वीट कि ज़रिये राजनीतिक दलों को नसीहत दे डाली, फलस्वरूप कश्यप के ट्वीट को राजनीतिक दलों ने रिट्वीट करना शुरू कर दिया, जिसके बाद कश्यप ने इन्हें भी नसीहत देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और दूसरे तमाम दल मेरे ट्वीट से दूर रहें. सेंसरशिप के खिलाफ ये मेरी अपनी लड़ाई है और मैं अपनी तरफ से बोल रहा हूं. मेरी लड़ाई को राजनीतिक रंग ना दें और अपनी लड़ाई खुद लड़ें और इस मामले से दूर रहे.

Web-Title:CBFC sword on Udta Panjab

Key-Words: Anurag Kashyap, advise, censor board, udta panjab, congress, akali dal, arvind kejrivaal,bjp

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