केरल के बहुचर्चित हादिया केस में सुनवाई करते हुए देश की सर्व्वोच अदालत ने जांच एजेंसी एनआईए से सवाल किया कि क्‍या अपराधी से प्‍यार करना गुनाह है? कोर्ट ने कहा, क्या कोई ऐसा कानून है कि किसी अपराधी से साथ बालिग लडकी प्यार नहीं कर सकती या शादी नहीं कर सकती?

कोर्ट ने एनआईए को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर लड़की बालिग है तो सिर्फ उसकी सहमति ही जरूरी होती है.  ध्यान रहे केरल हाई कोर्ट ने 25 मई को 24 साल की हिंदू महिला हादिया उर्फ़ अखिला की शादी को रद्द कर दिया था. हादिया ने धर्मपरिवर्तन कर इस्लाम धर्म कबूल कर शाफीन जहां नामक युवक से निकाह किया था. साथ ही केरल हाईकोर्ट ने हादिया को माता-पिता के पास रखने का निर्देश दिया था.

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हालांकि इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी के मामले में लड़की की सहमति सबसे ऊपर है. अगर कोई किसी अपराधी से भी शादी करना चाहे तो उसे कोई कानून जबरदस्ती रोक नहीं सकता.

ध्यान रहे हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि उसके पिता रोजाना उसे पीटते हैं और जल्द ही उसकी हत्या कर दी जाएगी. अखिला ने वीडियो में कहा कि तुम्हें मुझे यहां से निकालना होगा. मुझे आज कल या परसों कभी भी मार दिया जाएगा. मुझे पता है मेरे पिता मुझपर बहुत गुस्सा हैं, वो मुझे पीट रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद मामले की सुनवाई 27 नवंबर तक टाल दी और हदिया के पिता से अगली सुनवाई में उसे कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है.

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