उमर खालिद सहित चार लोगों के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज, 2 छात्र हिरासत में

उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान कथित हिं’सा को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र नेता उमर खालिद पर गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उमर खालिद के अलावा भजनपुरा इलाके के स्थानीय नागरिक दानिश के खिलाफ भी UAPA लगाया गया है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जामिया के छात्रों मीरन हैदर और सफूरा जरगर के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था। हैदर और जरगर फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। हैदर के वकील अकरम खान ने पुष्टि की है कि पुलिस ने उनके क्लाइंट और अन्य के खिलाफ एफआईआर में यूएपीए को शामिल किया है।

उन्होंने कहा कि आरोपियों पर शुरू में आईपीसी की धारा 147, 148, 149 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने धारा 124A (राजद्रोह), 302 (ह’त्या), 307 (ह’त्या का प्रयास), और 153A (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) को जोड़ा है।

पुलिस ने एफआईआर में दावा किया है कि सांप्रदायिक दंगा एक “पूर्व नियोजित साजिश” था, जो कथित तौर पर उमर और दो अन्य लोगों ने रची थी। छात्रों पर राजद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और दंगे करने का भी मामला है।

एफआईआर के मुताबिक, खालिद ने कथित तौर पर दो स्थानों पर भड़काऊ भाषण दिए थे। साथ ही भारत में अल्पसंख्यकों के हाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के दौरान लोगों से सड़कों को बंद करने के लिए कहा था।

पुलिस का आरोप है कि सह-आरोपी दानिश को दंगों में हिस्सा लेने के लिए दो जगहों पर लोगों को इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें कहा गया कि महिलाओं और बच्चों से जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे की सड़क को 23 फरवरी को बंद कराया गया, जिससे आसपास के लोगों में तनाव पैदा किया जा सके।

विज्ञापन