मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर कोर्ट में केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के खिलाफ प्याज़ के बढ़ते दामों पर लोगों को ‘गुमराह करने और धोखा देने’ के आरोप में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है. इसकी सुनवाई 12 दिसंबर को होगी.

खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले नय्यर ने अपनी शिकायत में कहा कि केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मंत्री होने के बावजूद पासवान प्याज़ की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने में नाकाम रहे हैं.

मुजफ्फरपुर शहर निवासी नय्यर ने कहा कि पासवान ने लोगों को अपने इस बयान से गुमराह किया है कि सब्जी के दाम काला बाजारी की वजह से बढ़े हैं. यह शिकायत, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 506 और 379 के तहत दर्ज की कराई गई है.

बता दें कि राजधानी दिल्ली समेत देश के ज्यादातर शहरों में प्याज की कीमत 100 से 120 रुपये तक पहुंच गई है और कई जगह इससे भी ज्यादा महंगी (150 रुपये किलो) प्याज बिक रही है. प्याज की कीमत पिछले काफी समय से बढ़ी हुई है. इससे लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

इससे पहले पिछले दिनों 32000 टन प्याज सड़ने और उसमें घोटाले का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखते हुए जांच करवाने की मांग की. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर रामविलास पासवान ने पत्र का जवाब नहीं दिया तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा.

आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता का कहना है कि खुद केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने लोकसभा में स्वीकार किया कि 32000 टन प्याज सड़ गया है. प्याज सड़ने को लेकर क्या कार्रवाई की गई? साथ ही इसको लेकर क्या किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई या सिर्फ कागजों में ये मुद्दा पड़ा है.

उनका कहना था कि यह एक घोटाला है. जब प्याज उनके पास इतना ज्यादा पड़ा हुआ था तो आखिर इसे राज्यों और जनता को सस्ते दामों में क्यों नहीं दिया गया.

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