नई दिल्ली | नोट बंदी के बाद मोदी सरकार ने देश में डिजिटल ट्रांसेक्सन पर जोर देने के लिए मुहीम चलाई हुई है. मोदी सरकार चाहती है की लोग कैश में कम से कम लेन देन करे. लेकिन सरकार की इस मुहीम को पेट्रोल पम्पस ने जोरदार झटका दिया है. पेट्रोल पम्प एसोसिएशन ने सोमवार से केवल कैश में पेट्रोल देने का फैसला किया है. इसका मतलब यह है की अब किसी भी पेट्रोल पम्प पर कार्ड से पेमेंट स्वीकार नही की जायेगी.

रविवार को आल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन( AIPDA ) ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी दी. AIPDA के अध्यक्ष अजय बंसल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा की हम बैंकों की और से लिए जा रहे 1 फीसदी MDR शुल्क देने की स्थिति में नही है. यही कारण है की हमने फैसला किया है की सोमवार से किसी भी पेट्रोल पम्प पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार नही किया जाएगा.

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अजय बंसल ने बताया की एक्सिस, एचडीऍफ़सी, आईसीआईसीआई और अन्य बैंक ने पेट्रोल पम्प डीलर्स को सूचना दी थी की 9 जनवरी से हर ट्रांसेक्सन पर MDR शुल्क लिया जाएगा. क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर यह शुल्क एक फीसदी होगा जबकि डेबिट कार्ड से पेमेंट करने पर यह शुल्क .25 से 1 फीसदी के बीच होगा. हम फ़िलहाल बैंकों को यह शुल्क देने की स्थिति में नही है.

अजय बंसल के अनुसार देश में करीब 53,540 पेट्रोल पम्पस है. इनमे से करीब 60 फीसदी पम्पो पर एक्सिस और एचडीऍफ़सी बैंकों की मशीन लगी हुई है. मालूम हो की MDR शुल्क वो शुल्क है जो बैंकों द्वारा कार्ड से पेमेंट लेने के लिए दी जाने वाली सुविधा के लिए लिया जाता है. सभी पेट्रोल पम्प डीलर्स को 2.5 फीसदी कमीशन मिलता है जिसमे स्टाफ और मेंटिनेंस भी शामिल है. इसमें से एक फीसदी बैंकों को देने से डीलर घाटे में जा सकते है.

अपडेट: अभी अभी मिली जानकारी के अनुसार AIPDA ने 13 जनवरी तक अपने फैसले को टाल दिया है. अब 13 जनवरी तक सभी पेट्रोल पंप कार्ड से पेमेंट स्वीकार करेंगे.

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