पहले से महंगाई की मार झेल रही देश की जनता को अब प्याज की कीमते भी रुला रही है. वहीँ दूसरी और कुछ करने के बजाय केंद्र की मोदी सरकार कह रही है कि हम इस सबंध में कुछ नही कर सकते.

दरअसल बढ़ती प्याज की कीमतों को लेकर जब केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उत्पादन में कमी के कारण प्याज की कीमतें अनियंत्रित हो गई हैं. ऐसे में कीमतें कम करना हमारे लिए संभव नहीं है.

पासवान ने बुधवार को कहा कि प्याज का रकबा वर्ष 2016-17 के 2.65 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 2017-18 में घटकर 1.90 लाख हेक्टेयर रह गया है. पासवान ने कहा, “हमने कई कदम उठाए हैं. महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान के अलवर में सरकारी एजेंसियों ने प्याज की खरीदी की है. साथ ही, प्याज का आयात भी किया गया है, लेकिन कीमतें कम करना हमारे हाथ में नहीं है.”

उन्होंने उम्मीद जताई कि खरीफ प्याज की फसल की आवक शुरू होने पर इसकी कीमतों में कमी आ सकती है. ध्यान रहे पिछले दिनों 31 अक्टूबर को पासवाल ने प्याज और टमाटर के खुदरा भाव में बढ़ोतरी के लिए जमाखोरों को जिम्मेदार ठहराया था.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें