संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर असम में एक बार फिर से विरोध शुरू हो गया है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसु) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की असम की यात्रा से ठीक पहले मशाल जुलूस निकाल कर सीएए कानून को रद्द करने की मांग की है।

इस दौरान आसु के सलाहकार समुज्ज्ल भट्टाचार्य और अध्यक्ष दीपांक कुमार नाथ की पुलिस अधिकारियों से भी बहस हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मशाल सौंपे जाने पर ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमने मशालें सौंपने से इनकार कर दिया क्योंकि यह हमारे विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा था और हम इसे नहीं बदलेंगे।’’ उन्होंने प्रदर्शन को कुचलने के लिए पुलिस भेजने को लेकर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की आलोचना की।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘सोनोवाला स्वाहीद भवन से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे और अब वह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस भेज रहे हैं। यह शर्मनाक है और हम इसकी निंदा करते हैं।’’

बता दें कि प्रधानमंत्री शनिवार को शिवसागर जिले में असम सरकार द्वारा एक लाख से भी अधिक निवासियों को भूमि पट्टा वितरित किए जाने के कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। वहीं, शाह के रविवार को राज्य की यात्रा करने का कार्यक्रम है।

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