श्रीनगर | रविवार को श्रीनगर लोकसभा सीट सहित सात राज्यों की 9 विधानसभा सीटो के उप चुनावो के लिए मतदान संपन्न हो गया. श्रीनगर लोकसभा उप चुनावो में अलगावादियों की धमकी का पूरा असर देखने को मिला. कम ही लोग मतदान के लिए घरो से बाहर निकले और नतीजन केवल 7.14 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. इस दौरान पुरे लोकसभा क्षेत्र में व्यापक हिंसा देखने को मिली.

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जिसमे 8 लोगो की मौत हो गयी जबकि 150 सुरक्षाकर्मी, 12 चुनाव कर्मी और 36 नागरिक घायल हो गए. सबसे अधिक हिंसा बडगाम जिले में देखने को मिली. यहाँ करीब 200 जगह से हिंसा की खबरे है. श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र में श्रीनगर, बडगाम और गंदरबल जिलो के इलाके शामिल है. बाकी दोनों जिलो में भी व्यापक हिंसा देखने को मिली. हिंसक भीड़ ने बूथ जला दिया, उनमे तोड़फोड़ की गयी और कुछ जगहों पर ईवीएम् को भी नुक्सान गया.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनावो में हुई हिंसा पर ट्वीट करते हुए कहा की 1998 के बाद प्रदेश में पहली बार वो इतने बुरे हालात देख रहे है. मालूम हो की 1998 में भी यहाँ केवल 11 फीसदी मतदान हुआ था. श्रीनगर उप चुनावो में फारुख अद्बुल्ला उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए है. पिछले लोकसभा चुनावो में उनको इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था.

इन चुनावो का अलगावादियों ने बहिष्कार किया हुआ था. उन्होंने लोगो से घरो से बाहर नही निकलने की अपील की थी. जिसका असर देखने को मिला. हालाँकि चुनावो में हुई हिंसा ने भी लोगो को घरो के अन्दर रहने को मजबूर किया. उधर मध्य प्रदेश की अटेर विधानसभा उप चुनावो में भी व्यापक हिंसा देखने को मिली. इसके अलावा राजस्थान की धौलपुर सीट पर एक बार फिर ईवीएम् में गड़बड़ी सामने आई है.

यहाँ मतदाताओ ने आरोप लगाया की किसी भी पार्टी को वोट देने पर VVPAT से पर्ची कमल के निशान की निकल रही है. शिकायत मिलने और जाँच करने के बाद करीब 18 ईवीएम् को सील कर उनकी जगह दूसरी ईवीएम् लगाई गयी. वही दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा सीट के लिए उप चुनाव संपन्न हो गया. यहाँ करीब 47 फीसदी लोगो ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. हालाँकि यहाँ भी कई जगह से ईवीएम् में गड़बड़ी की शिकायते मिली है .

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