भारत में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (यूनिफार्म सिविल कोड) सुनिश्चित करने के विषय को विचार के लिए भारत के लॉ कमिशन को सौंपा गया है.

कमिशन ने इस बारे में 16 सवालों की सूची जारी की है, जिसमें यूनिफार्म सिविल कोड, पर्सनल लॉ को संहिताबद्ध करने, तीन तलाक, बहु विवाह, गुजारा भत्ता, उत्तराधिकार जैसे विषयों पर राय मांगी गई है.

इस बारे में पूछे जाने पर लॉ एंड जस्टिस राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि इस विषय के महत्व और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यूनिफार्म सिविल कोड और विभिन्न पर्सनल लॉ का गहराई से अध्ययन किए जाने की जरूरत है.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विषय पर विचार और सिफारिश करने के लिए लॉ कमिशन से आग्रह किया है. यह विषय अभी कमिशन के समक्ष है. लॉ कमिशन की ओर से सिविल कोड के बारे में 16 सवालों की सूची तैयार की गई है जिस पर लोगों की राय मांगी गई है. इसके अलावा दूसरे विषयों पर भी लोगों से अपनी राय देने को कहा गया है. (भाषा)

Loading...