Wednesday, January 19, 2022

2002 के तूफान ने मेरी झोपड़ी जला दी और अब गौरक्षकों ने मेरे बेटे को मार डाला

- Advertisement -

2002 के गुजरात दंगों में अपना सब कुछ गँवा देने के बाद कथित गौरक्षा के नाम पर ईद-उल-अजहा के दिन मेराजबानो के बेटे को मौत के घाट उतार दिया गया.

मंगलवार को बेसुध अवस्था में रोते हुए मेराजबानो ने मीडिया से कहा “2002 के तूफान ने मेरी झोपड़ी जला दी, और अब गौरक्षा वालों ने मेरे बेटे को मार डाला.” अय्यूब की चाची खेरुन्निशा ने सवाल उठाते हुए कहा “आप गायों के लिए एक आदमी की जान कैसे ले सकते हैं? अगर अय्यूब कुछ अवैध कर रहा था तो उसे पुलिस को सौंप दिया जाना चाहिए था।”

12 सितंबर की रात को कथित गौरक्षकों द्वारा गाय की तस्करी के आरोप में मेराजबानो के 29 साल के बेटे मोहम्मद अय्यूब की भगवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बेदर्दी से पिटाई की थी. जिसके तीन दिन बाद उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

पुलिस ने इस मामले में कथित गौरक्षकों के खिलाफ कारवाई न करते हुए अयूब और उसके दोस्त समीर पर ही गौतस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया. पुलिस ने इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज किए हैं. जिसमें पहली एफआईआर अय्यूब की हत्या करने के प्रयास में अज्ञात लोगों के खिलाफ, दूसरी जानवरों के प्रति क्रूरता के कानूनों के तहत अय्यूब और समीर शेख के खिलाफ और यातायात पुलिस ने अयूब के खिलाफ गलत ड्राइविंग के लिए तीसरी एफआईआर दर्ज कराई.

परिवार नें जब इस एफआईआर का विरोध किया तो इसकी जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के (डीसीबी) को सौंप दिया गया. डीसीपी (डीसीबी) दीपेन भद्रन ने कहा कि एक विस्तृत जांच चल रही है और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles