Monday, September 20, 2021

 

 

 

बुलंदशहर केस: FIR में नाम तक नहीं, फिर भी गोकशी के आरोप में मुस्लिमों की गिरफ्तारी

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बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित गोकशी के आरोपियों का पता लगाने में जुटी यूपी पुलिस के निशाने पर अब मुस्लिम समुदाय दिख रहा है। इस मामले में हिंसा के मुख्य आरोपी बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की शिकायत पर FIR दर्ज की हुई है। यह FIR पहले ही सवालों के घेरे में है। दरअसल, इस FIR में कुल सात लोगों के नाम हैं, जिनमें दो नाम हैं साजिद और अनस के है और ये दोनों नाबालिग है। पुलिस जांच में पता चला कि साजिद 11 साल का है और अनस 12 साल का। हालांकि अब पुलिस की कार्यवाही सवालों के घेरे है।

गौकशी के मामले में दो ऐसे लोगों को अरेस्ट किया है, जिनका नाम एफआईआर में दर्ज है ही नहीं। गोकशी के मामले में बुधवार सुबह पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। सरफुद्दीन का नाम एफआईआर में था, जो गारमेंट का काम करते हैं। सरफुद्दीन के परिवार का दावा है कि जिस दिन गांव में गोवंश के अवशेष मिले थे, उस दिन वह वहां से 40 किलोमीटर दूर इज्तिमा में थे।

उनके भाई मोहम्मद हुसैन का कहना है, ‘वह उस दिन इज्तिमा में थे और उनकी पार्किंग में ड्यूटी लगी हुई थी। मेरे पास सबूत हैं कि वह उस दिन वहां नहीं था। उसकी जीपीएस लोकेशन ट्रैक की जा सकती है और यह जांचा जा सकता है कि वह महाव में उस दिन थे या नहीं।’

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पुलिस ने एफआईआर में दर्ज साजिद अली नाम के दूसरे युवक को भी गिरफ्तार किया है। साजिद गांव में नहीं रहता, उसके चाचा शब्बीर जो चाय का काम करते हैं ने बताया, ‘साजिद 12 साल पहले फरीदाबाद चला गया था।’ उसने बताया कि साजिद कई सालों से फरीदाबाद में सिगरेट बेच रहा है और वह इज्तिमा में आया था, लेकिन गांव नहीं आया। आखिर बार वह हमारे पास तीन महीने पहले आया था, जब मेरी मां का निधन हुआ था।सरफुद्दीन और साजिद दोनों ने मंगलवार को पुलिस के सामने सरेंडर किया था।

पुलिस ने दो ऐसे लोगों को भी गिरगफ्तार किया है, जिनका नाम एफआईआर में नहीं है. इनमें 24 साल के आसिफ जो घड़ियां ठीक करता है, वहीं मजदूरी करने वाले बन्ने खान शामिल है। परिवार ने बताया साजिद शादी के बाद अपने गांव से चार साल पहले मुंबई शिफ्ट हो गया था। उसका गांव घटनास्थल से 20 किलोमीटर दूर स्थित है। उसकी सास ने बताया, ‘इज्तिमा में शामिल होने के बाद वह घर आया था, तभी पुलिस वहां पहुंची और उसने उसे उठाया और अपने साथ ले गई। वे उसका नाम तक नहीं जानते थे, किसी और ने बताया कि वह आसिफ है।’

बन्ने खान घटनास्थल से 65 किलोमीटर दूर रहते हैं। मंगलवार रात उसे गिरफ्तार कर किया गया। उसके एक रिश्तेदार अफसर ने बताया, ‘उसने प्रधान के घर पर काम खत्म किया  जब पुलिस आई तो सो रहा था।’ उसके सात बच्चे हैं और परिवार में अकेले कमाने वाला है।  पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि सरफुद्दीन और साजिद को इसलिए गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उनका नाम एफआईआर में थालेकिन वे बन्ने खान और आसिफ खान की गिरफ्तारी पर किए गए कोई भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए।

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