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बुलंदशहर: कथित गोरक्षा के नाम पर बुलंदशहर में हिंसा और इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या के मामले में आरोपी सेना के जवान जीतू फौजी को जम्मू से गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ के सामने जितेंद्र फौजी ने स्वीकार किया है कि वो हिंसा वाले दिन गांव में ही था।

जितेंद्र मलिक उफ जीतू फौजी को लेकर रविवार सुबह स्याना पहुंची एसटीएफ की टीम ने जीतू से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की। निचली अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, जीतू ने मीडिया से कहा कि वह बेकसूर है और हिंसा से उसका लेना देना नहीं है। बता दें कि आर्मी चीफ बिपिन रावत ने इस मामले में पुलिस का पूरा सहयोग करने की बात कही थी।

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सूत्रों के मुताबिक एसटीएफ की टीम उसे लेने जम्मू-कश्मीर पहुंची और दो दिन तक आर्मी के अधिकारियों से उसे गिरफ्तार करने की बात चलती रही। एसटीएफ ने सेना के अधिकारियों को 100 से ज्यादा वीडियो फुटेज दिखाई गई। इतना ही नहीं उसकी कॉल डिटेल और वो सारे सबूत दिखाए गए, जिससे यह साबित हुआ कि जितेंद्र हिंसा वाले दिन वहीं था, तब जाकर आर्मी ने जितेंद्र को पुलिस के हवाले किया।

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एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि जितेन्द्र ने स्वीकार किया है कि वह उस जगह था जब भीड़ ने इकट्ठा होना शुरू किया था। पहली नजर में यह सच पाया गया है। यह अभी तक नहीं कहा जा सकता है कि वह इंस्पेक्टर या सुमित को गोली मारने वाला व्यक्ति है। जितेंद्र ने कहा कि वह ग्रामीणों के साथ वहां गया था, लेकिन उसने पुलिस पर पत्थरबाजी नहीं की। अब उसके मोबाइल की फोरेंसिक जांच की जाएगी।

कोतवाल सुबोध की हत्या में नामजद फौजी जीतू की मां रतनकौर ने बताया कि बहन की शादी में शामिल होने के लिए जीतू 20 दिन की छुट्टी आया हुआ था। बवाल वाले दिन बेटे की छुट्टी खत्म हो गई थी और अगले दिन वह अपने तैनाती स्थल चला गया था।

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