mahesh bsp mla

बंगलुरु । कर्नाटक सरकार में बीएसपी के एक मात्र विधायक और मंत्री एन महेश ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफ़ा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को सौंप दिया। हालाँकि अभी तक इस बात की जानकारी नही मिली है की एन महेश ने किन करणो से इस्तीफ़ा दिया है। लेकिन राजनीतिक अटकलें यह है की मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीएसपी और कांग्रेस का गठबंधन नही होना इसका कारण माना जा रहा है।

कर्नाटक में बसपा का यह क़दम कांग्रेस को एक झटका माना जा रहा है। अटकलें यह भी है की बसपा के इस क़दम से 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन की राह ओर मुश्किल हो सकते है। बरहाल अगर एन महेश के इस्तीफ़े की बात करे तो उन्होंने गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री को त्यागपत्र देने के बाद मीडिया से बात की।

उन्होंने कहा,’ मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बावजूद उनका समर्थन सरकार को जारी रहेगा। गठबंधन सरकार से मुझे कोई परेशानी नहीं है। मैने शिक्षा विभाग की बेहतरी के लिए काम किए हैं। मेरा अनुमान है कि जिसे भी मेरे बाद जिम्मेदारी सौंपी जाएगी वो मेरी ही तरह काम करेगा।’ इससे पहले उन्होंने क्षत्रिय पार्टियों से कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का भी आह्वान किया था। हालाँकि बाद में उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा कि वह कांग्रेस घास (पर्थेनियम घास) की बात कर रहे थे।

उधर एन महेश के इस्तीफ़े पर कांग्रेस के किसी भी नेता ने कोई प्रतिक्रिया नही दी है। मुख्यमंत्री के भाई और सरकार में मंत्री एच डी रवन्ना ने उनके इस्तीफ़े की जानकारी से अनभिज्ञता जतायी। उन्होंने कहा कि अभी मुझे इस बारे में कोई जानकारी नही है। बताते चले की हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को भाजपा का एजेंट बताते हुए तीनो राज्यों में विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का एलान किया।

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