पंजाब पुलिस ने तरनतारन जिले में दो तस्करों समेत पाक सरहद पर तैनात एक बीएसएफ के सिपाही राजिन्दर प्रसाद को हाल ही में गिरफ्तार किया था। बीएसएफ ने अब इस जवान को डिसमिस कर दिया है।

बीएसएफ सिपाही राजेंद्र प्रसाद तस्करी रैकेट का हिस्सा था। बीएसएफ कांस्टेबल तरन तारन जिले के गाँव छीना में एक सरहदी चौकी में तैनात था। इसके साथ सुरमेल सिंह, गुरजंट सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। तस्करों से पुलिस ने चाइनामेड पिस्टल, 5 कारतूस और साढ़े 24 लाख रुपए की ड्रगमनी भी बरामद की थी।

डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, जालंधर ग्रामीण पुलिस ने 26 जुलाई को सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया था जो दिल्ली से वरना कार में आ रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनकी कार में से 25 ग्राम हेरोइन बरामद की।

पूछताछ करने पर दोनों ने अपनी पहचान सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के तौर पर बताई। पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरमेल के पास से .30 बोर पिस्तौल समेत 5 जिंदा कारतूस और 35 ग्राम हेरोइन बरामद की। जांच के दौरान दोनों मुलजिमों ने यह भी खुलासा किया कि वह तरन तारन जिले के गाँव नारली के रहने वाले सरहद पार के तस्कर सतनाम सिंह उर्फ सत्ता के साथ काम करते थे, जो कि हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए पाक आधारित तस्करों के साथ नज़दीकी रूप से जुड़ा हुआ था।

राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उसे सतनाम सिंह उर्फ सत्ता द्वारा नशा तस्करी के रैकेट में भर्ती किया गया था, जिसने अपने बॉर्डर पोस्ट के द्वारा हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी में मदद के बदले उसको पैसे देने का वादा किया था। फिर उसने मई में 17 किलो हेरोइन और 2 विदेशी पिस्तौल लेने में गिरोह की मदद की।

इस बार फिर सतनाम सिंह ने राजेंद्र प्रसाद, सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के साथ मिलकर अपने पाक आधारित हैंडलर से हेरोइन और हथियारों की एक और खेप लेनी थी। सतनाम सिंह उर्फ सत्ता ने इस खेप की रसीद और प्रबंधन के लिए राजेंद्र प्रसाद को 5 लाख रुपए और एक मोबाइल फोन पहले दिया था।

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