Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

कानपुर में अशरफ अली की निर्मम हत्या : घृणा अपराध का एक नया रूप

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34 वर्षीय अशरफ अली को तीन लोगों के एक समूह ने सार्वजनिक रूप से पेशाब नहीं करने के लिए कहने के बाद मार डाला। पहले उसके साथ मारपीट की गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने उसे अपनी कार से रौंद डाला।

अली अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी 28 वर्षीय पत्नी और तीन नाबालिग बेटियां उसकी मौत के बाद सदमे में हैं। वे एक किराए के घर में रहते हैं और उनके पास भरण-पोषण करने के लिए कोई संपत्ति नहीं है।

परिवार के अनुसार, कथित तौर पर नशे में धुत लोगों ने उस समय कार उसके ऊपर से चला दी जब वह अपने मकान मालिक कुलदीप कपूर से फोन पर बात कर रहा था। वह फोन कॉल के बीच में ही कह रहा था कि कार उसे मारने के लिए सीधे आ रही। उसी वक्त उसे कुचल दिया गया। फोन नीचे गिर गया और मौके से बरामद किया गया।

पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

अली की पत्नी और उसकी तीन स्कूल जाने वाली बेटियों की देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा है। दुर्भाग्य से, उन्हें सरकार या किसी कल्याण संगठन से कोई सहयोगी या मुआवजा भी नहीं मिला है।

बिना किसी उकसावे के एक ‘पारिवारिक व्यक्ति’ पर भयानक हमले ने यूपी राज्य में अपराध और असुरक्षा के बढ़ते ग्राफ को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लोग यह देखकर हैरान हैं कि क्या वाहनों से कुचलना असहाय और निर्दोष व्यक्तियों की लिंचिंग का रूप ले रहा है।

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