जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी द्वारा आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दिये गए बयान को लेकर बवाल मच गया है। अब मौलाना मदनी के परिवार पर आजादी से ही कांग्रेस की दलाली करने के आरोप लग रहे है।

बता दें कि मौलाना मदनी ने अपने बयान में कहा, ओवैसी को इंडियन मुस्लिम का नेता नहीं बनने देंगे। उन्हे केवल आंध्रा और तेलंगाना तक ही सीमित होना पड़ेगा। उन्होने कहा कि उन्हे कतई मंजूर नहीं की ओवैसी हैदराबाद से बाहर निकले। उन्होने कहा कि ओवैसी को मुस्लिमों का नेता बनना है तो हैदराबाद के मुसलमानो का नेता बने।

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मौलाना मदनी के बयान पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी ने कहा कि देश में 5-6 मौलानाओं के परिवार 70 साल से कांग्रेस की दलाली कर मुसलमानों को सुरक्षा का डर दिखा रहे हैं। उन्होने कहा, महमूद मदनी को राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि उलेमा को उलेमा की तरह रहना चाहिए।

उन्होने ये भी कहा, असदुद्दीन ओवैसी की मुखालफत करना किसी भी तरह से इस्लाम का हिस्सा नहीं है। एक तरफ मुसलमानों की तरक्की की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ एक मुसलमान को कामयाब नहीं होने देंगे, तो फिर यह कौन सा इस्लाम है।

पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मौलाना को अपनी राजनीतिक दुकान बंद होते दिखाई दे रही है, इसलिए घबरा रहे हैं। इन मौलानाओं ने पिछले 70 साल से मुसलमानों को इस पर डराया कि अगर महफूज रहना है, तो कांग्रेस के साथ रहिए।

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