ब्रिटिश राज में कांग्रेस से ज्यादा आजादी के बाद भाजपा ने झेली मुश्किल: मोदी

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कांग्रेस ने जितनी परेशानियां झेली होंगी, भाजपा को आजाद भारत में उससे कहीं अधिक दुश्वारियों का सामना करना पड़ा । उन्होंने साथ ही इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि उनकी पार्टी के हर प्रयास को ‘‘गलत रूप में देखा जा रहा है ।’’

प्रधानमंत्री ने यहां भाजपा के नए मुख्यालय की आधारशिला रखने के दौरान कहा कि भाजपा ने किसी भी अन्य दल से अधिक बलिदान दिया है । देश की ताकत बढ़ने के साथ ही पृथकतावादी ताकतें अधिक सक्रिय हो गयी हैं और अब यह सुनिश्चित करना अधिक जरूरी हो गया है कि समाज को मजबूत किया जाए और अधिक समरसता बढ़े ।

‘सबका साथ , सबका विकास’ के मकसद के साथ सबको साथ लेकर चलने की अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से देश और विश्व लोकतंत्र के समक्ष यह उदाहरण पेश करने को कहा कि किस प्रकार ‘‘आदशरे को समर्पित तथा वंशवाद से मुक्त ’’ एक दल काम करता है क्योंकि दुनिया भगवा संगठन को ‘‘उस तरीके से नहीं जानती है जिस तरीके से जानना चाहिए बल्कि उसको जानना सुनी सुनायी बातों पर आधारित है ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी होगी जिसने अपने गठन के समय से ही दुश्वारियां झेली हैं । इसने हर मोड़ पर मुश्किलों का सामना किया और उसके हर प्रयास को गलत तरीके से देखा गया।’’ पार्टी प्रमुख अमित शाह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी , राजनाथ सिंह , अरूण जेटली तथा अन्य नेताओं की मौजूदगी में मोदी ने कहा, ‘‘ ब्रिटिश शासनकाल में भी कांग्रेस ने इतनी मुश्किलों का सामना नहीं किया होगा जितनी मुश्किलों का सामना हमारे समर्पित कार्यकर्ताओं ने 50- 60 साल में किया है । ’’

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर परोक्ष हमला बोलते हुए कहा कि हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान एक भाजपा उम्मीदवार के लिए कोलकाता में कार्यालय तक किराये पर लेना मुश्किल था क्योंकि उन्हें जगह देने के इच्छुक व्यक्ति को मुश्किलें झेलनी पड़तीं (भाषा)

विज्ञापन