देश की आजादी के लिए अपनी जान देने वाले शहीदों का अपमान करते हुए दक्षिणपंथी संगठन हिंदू सेना ने मंगलवार को 200 साल तक देश को गुलाम बनाने वाले ब्रिटिश शासन की क्वीन विक्टोरिया को 118वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। ये सब कुछ कथित तौर पर मुस्लिम नफरत के चलते किया गया।

हिंदू सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उपाध्यक्ष सुरजीत यादव ने कहा, ‘भारत के हजारों टुकड़े हो गए होते अगर रानी की अगुआई में ब्रिटिश न होते, जिन्होंने कई रियासतों को 1857 में एकजुट रखा।’ यादव ने दावा किया, ‘ब्रिटिश शासकों ने हमें वो सब दिया, जो आज हम हैं, चाहे कानून हो, रेलवे हो, सड़कें हो, कम्यूनिकेशन नेटवर्क हो, स्कूल हो, या इमारतें आदि हों।’

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यादव ने कहा, ‘ब्रिटिश शासकों ने दूसरों की तरह हमारे मंदिरों को तबाह नहीं किया। उन्होंने हमें वो कानून दिए जिसका हम आज तक पालन करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू जैसे नेता आवाज इसलिए उठा पाए क्योंकि ये निरंकुश सरकार नहीं थी। उनके जरिए ही भारतीयों ने आजादी का पहली बार स्वाद चखा जब अंग्रेजों ने 1882 में स्थानीय तौर पर स्वशासन की इजाजत दी।’ यादव ने यह भी दावा किया कि शाही सेना ने भारत की सभी जातियों के बीच समानता का संदेश फैलाया।

उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (ब्रिटिश) ने महार रेजिमेंट बनाया। बंगाल प्रेसिडेंसी में तो सिर्फ अगड़ी जाति के लोगों को सेना में शामिल होने का अधिकार था।’ यादव ने यह भी कहा, ‘अगर दुनिया में कोई सज्जनों का वंश है तो वे ब्रिटिश हैं।’ हिंदू सेना का कहना है, “ब्रिटिश लोगों ने 1857 में विदेशी इस्लामिक आक्रमणकारियों / आतंकवादियों से भारत को आज़ादी दिलाने में मदद की और यह भारत की पहली आज़ादी थी।”

बता दें कि हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने 2011 में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यालय में प्रशांत भूषण पर हमला किया था। साथ ही जून 2017 में, हिंदू सेना ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का जन्मदिन 7.1 किलोग्राम केक के साथ मनाया था।

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