पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा क्या होती हैं, आज पत्रकार भूलते जा रहे हैं. सिर्फ नाम के आगे पत्रकार जोड़ने से कोई पत्रकार नहीं हो जाता. आज हम आपको एक ऐसे पत्रकार से रूबरू कराते हैं, जो नाम से तो वरिष्ट पत्रकार हैं लेकिन पत्रकार के नाम पर कलंक से भी कम नहीं.

ये पत्रकार हैं ब्रजेश मिश्रा. जो National Voice चैनल के Editor-in-Chief हैं, साथ ही ये का एक ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल भी चलाते हैं, लेकिन पत्रकारिता क्या होती हैं, इन्हें उसका क, ख, ग भी पता नही हैं.

हुआ यूँ कि लुबना रिफत नाम की एक मुस्लिम महिला ने अपने ट्विटर हैंडल से मौजूदा दौर की पत्रकारिता पर तंज़ कसते हुए एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने लिखा था, “मौजूदा दौर के पत्रकारों को क्या हो गया है, पहले न्यूज़ बनाते हैं और फिर उसे रिपोर्ट करते हैं। इनकी इमानदारी की तारीफ करती हूं”।

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ब्रजेश मिश्रा ने लुबना के ट्वीट पर पलटवार करते हुए ने कहा कि ”उन्हें किसी आईएसआई एजेंट से पत्रकारिता का सर्टिफिकेट लेने की ज़रूरत नहीं है।”

इसी ट्वीट पर अमित कुमार ने लिखा, “मिश्रा जी आपको बीजेपी-आईटी सेल से सर्टिफिकेट लेने की ज़रूरत है, जो कि आईएसआई एजेंट्स की भर्ती करता है”।  ब्रिजेश मिश्रा की इस टिप्पणी की जमकर आलोचना हो रही हैं.

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