चंद लोगों के इशारे पर कानून के रखवालों ने लोकतंत्र का खून किया: दरगाह आला हज़रत

11:45 am Published by:-Hindi News

ताजुश्शरीया उर्स को लेकर प्रशासन की और से दी गई अनुमति को बाद में रद्द करने को लेकर देश भर के सुन्नी मुसलमानों में भारी गुस्सा है। ऐसे में अब दरगाह आला हजरत प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां और सुब्हानी मियां का बड़ा बयान आया है।

उन्होंने प्रशासन के इस रवैये की निंदा करते हुए कहा कि कानून के रखवालों ने चंद लोगों के इशारे पर लोकतंत्र का खून किया है। मुसलमानों को उनके बुनियादी हुक़ूक़ के महरूम किया है।उर्स को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी न अकेली का सबूत दिया है।

दरगाह प्रमुख ने कहा कि शासन, प्रशासन ने फसादी जहनियत रखने वालों की गुंडागर्दी होने उनके हौसले बुलन्द करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मेरे चाचा ताजुश्शरीया का नमाजे जनाजा और उर्से चेहलुम भी इस्लामियां मैदान में हुआ था। जिसमे बेशुमार लोगों ने शिरकत की थी।

उन्होने बताया, जिला प्रशासन ने उर्स को अनुमति दी थी। अनुमति मिलने का बाद तमाम तैयारी शुरू की गई। पूरी दुनिया भर से लोग उर्स में शिरकत करने को तैयार थे। इस्लामियां मैदान में जंगी पैमाने पर इंजामत होने लगे। लेकिन जब उर्स में महज एक हफ्ता बचा था तो चंद लोगों ने विरोध कर दिया। किसी ने सोचा भी न था चंद लोगों के आगे शासन प्रशासन लोकतंत्र का खून कर देंगे।

उन्होने आगे कहा, प्रशासन की इस हरकत से बरेली शरीफ का दुनिया भर में नाम खराब हुआ है। बरेली शरीफ दरगाह आला हज़रत की वजह से दुनिया भर में जाना जाता है। उन्होने कहा, अल्लाह वालों के उर्स पहले भी होते थे और बाद में भी होते रहेंगे। उन्होने तमाम अक़ीदतमंदों से सब्र के साथ काम लेने की अपील की है।

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