Sunday, August 1, 2021

 

 

 

कोरोना के स्वस्थ मरीज का खून ऑनलाइन बिक रहा 10 लाख रुपये प्रति लीटर

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दुनियाभर में कोरोना प्रकोप के बीच कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों के खू’न की मांग दुनिया भर में बढ़ गई है। दरअसल, प्लाज्मा थेरेपी के लिए रिकवर हो चुके मरीजों के खून की खरीद-फरोख्त लाखों में की जा रही है।  दरअसल, प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी से महामारी के कई गंभीर रोगी उबर चुके हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई वैश्विक कंपनियां रक्त के नमूने को लैब और जांच करने वाली कंपनियों को मुंहमांगी कीमत पर बेच रही हैं। कैलीफोर्निया की कैंटर बायोकनेक्ट ने खून की एक बूंद 26600 रुपए से तीन लाख चार हजार रुपए तक में बेची है।

भारतीय कंपनी एडवी केमिकल ने एक नमूने के 50 हजार डॉलर (तीन लाख 80 हजार रुपए) तक वसूले हैं। ब्रिटेन की स्कॉटिश कंपनी टिश्यू सॉल्यूशंस को एक ब्लड सैंपल के लिए 70 हजार रुपए लिए हैं। प्लाज्मा में एंटीबॉडी की मात्रा जितनी ज्यादा होगी, उसकी कीमत उतनी ज्यादा है।

प्रमुख रिसर्चर रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा है कि महामारी के वक्त कुछ लोग आपराधिक तरीके से कमाई की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में ये बढ़ सकता है। इसलिए कड़ी मॉनिटरिंग की जरूरत है ताकि इसे बंद किया जा सके। रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा- ‘हमने पाया कि असुरक्षित वैक्सीन और एंटीवायरल दवाइयां भी डार्कनेट पर लोगों को बेची जा रही हैं। भारी मात्रा में पीपीई की भी बिक्री हो रही है क्योंकि बाजार में इसकी कमी बनी हुई है।’

वहीं, ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर रिक ब्राउन ने कहा कि इन चीजों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है। ब्रिटिश जांच कंपनी मोलोजिक के चिकित्सा निदेशक डॉ. जोए फिचेट ने कहा कि उन्होंने इतनी ज्यादा कीमत कभी नहीं देखी। रक्त का नमूना देने वाले भी इससे हैरान हैं।

कोरोना से उबर चुकीं वाशिंगटन स्टेट की एलेसिया जेनकिंस को जब पता चला कि कंपनियां इससे लाखों रुपये कमा रही हैं, तो उन्होंने प्लाज्मा देने का इरादा बदल दिया। कैंटर बायोकनेक्ट 18 मार्च के बाद से सोशल मीडिया के जरिए कोरोना के मरीजों से संपर्क साध रही है और अमेरिका ही नहीं, जापान और यूरोप समेत कई देशों में रक्त के नमूने बेच चुकी है।

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