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मुंबई । हमारे देश का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र माना जाता है। लेकिन यह लोकतंत्र कब एक व्यक्ति विशेष के अधीन हो गया न यह हमारे राजनीतिक दलो को पता चला और न ही हमारे देश की जनता को। किसी भी लोकतंत्र की धूरी माने जाने वाले राजनीतिक दल आजकल कुछ व्यक्ति विशेष की भक्ति में लीन दिखाए दे रहे है। जिसका असर जनता पर भी दिखायी दे रहा है।

ख़ासकर राष्ट्रीय राजनीति में नरेंद्र मोदी के उदय के साथ यह भक्ति कुछ ज़्यादा ही बढ़ने लगी। हालात यहाँ तक पहुँच चुके है की भाजपा प्रवक्ता कभी मोदी को देश का बाप बता देते है तो कभी उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा नेता। इसी कड़ी में एक भाजपा प्रवक्ता ने उन्हें भगवान तुल्य बता अपनी भक्ति को साबित करने का प्रयास किया। इस प्रयास के बाद कांग्रेस ने न केवल इस बयान का मज़ाक़ बनाया बल्कि इसे भगवान का अपमान भी क़रार दिया।

दरअसल महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता अवधूत वाघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान विष्णु का ग्यारहवां अवतार बताया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अवधूत वाघ ने ट्वीट किया, सम्मानीय प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी भगवान विष्णु का ग्यारहवां अवतार हैं। एक मराठी चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, देश का सौभाग्य है कि हमें मोदी में भगवान जैसा नेता मिला है।

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उधर वाघ पर हमला करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा कि यह देवताओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि‍ वाघ अपनी खोई राजनीति‍क जमीन को फि‍र से हासि‍ल करने की कोशिश में है। मुझे नहीं लगता कि इस टिप्पणी को ज्यादा महत्व देने की जरुरत है। लोंधे ने कहा कि यह टिप्पणी सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के अंदर संस्कृति के निम्नस्तर की झलक है।

वही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने उनके इस बयान के बाद ऐ वाघ की डिग्री पर ही सवाल उठा दिए। एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि‍ वाघ वीजेटीआई से अभियांत्रिकी स्नातक हैं।अब इस बात की जांच करने की जरुरत है कि उनका डिग्री सर्टिफिकेट असली है या नहीं। ऐसी उनसे आशा नहीं थी। बता दें कि वीरमाता जिजाबाई तकनीकी संस्थान (वीजेटीआई) मुंबई में एक इंजीनियरिंग कॉलेज है। 1887 में स्थापित, यह एशिया के सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेजों में से एक है। इसे 26 जनवरी, 1997 को अपना वर्तमान नाम अपनाए जाने तक विक्टोरिया जुबली तकनीकी संस्थान के रूप में जाना जाता था।

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